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चोरी या खोए हुए मोबाइल फोन अब हो जाएंगे बेकार, सरकार ने बनाई ऐसे हैंडसेट पर सर्विस न देने की योजना

 Written By: Abhishek Shrivastava
 Published : Jul 08, 2017 11:09 am IST,  Updated : Jul 08, 2017 11:12 am IST

मोबाइल फोन चोरी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए सरकार ने एक नई योजना पर काम शुरू किया है। क्योंकि इसे चुराने वालों को इसका कोई फायदा नहीं मिलेगा।

चोरी या खोए हुए मोबाइल फोन अब हो जाएंगे बेकार, सरकार ने बनाई ऐसे हैंडसेट पर सर्विस न देने की योजना- India TV Hindi
चोरी या खोए हुए मोबाइल फोन अब हो जाएंगे बेकार, सरकार ने बनाई ऐसे हैंडसेट पर सर्विस न देने की योजना

नई दिल्‍ली। मोबाइल फोन चोरी या खाने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक नई योजना पर काम शुरू किया है। जल्‍द ही मोबाइल चोरी से लोगों को छुटकारा मिलेगा, क्योंकि इसे चुराने वालों को इसका कोई फायदा नहीं मिलेगा। सरकार एक नई व्यवस्था लाने की तैयारी में है, जो चुराए गए  या गायब हुए मोबाइल फोन पर सभी सेवाओं को रोक देगी। यह व्यवस्था सिम हटाने या आईएमईआई संख्या बदलने पर भी सभी नेटवर्क पर काम करेगी।

सार्वजनिक क्षेत्र की भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) को इस नई प्रणाली सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (सीईआईआर) के लिए सॉफ्टवेयर तथा क्रियान्‍वयन के तौर-तरीके के विकास की जिम्मेदारी दी गई थी और कंपनी को अपने पुणे केंद्र से महाराष्ट्र में छह महीने तक इसका पायलट आधार पर परीक्षण करना है।

एक आधिकारिक दस्तावेज में कहा गया है कि सीईआईआर का मकसद नकली मोबाइल फोन की संख्या में कमी लाना तथा चोरी को हतोत्साहित करना है। इससे ग्राहकों के हितों की रक्षा होने के साथ कानूनी रूप से आवाज पकड़ने (इंटरसेप्शन) को लेकर जांच एजेंसियों के लिए रास्ता सुगम होगा।

कैसे करेगी यह काम

दूरसंचार विभाग की योजना के अनुसार सीईआईआर प्रणाली आईएमईआई डाटाबेस को सभी मोबाइल ऑपरेटरों के साथ जोड़ेगी। दस्तावेज के अनुसार सीईआईआर काली सूची में डाले गए मोबाइल सेट को सभी नेटवर्क ऑपरेटरों के बीच साझा करने के लिए केंद्रीय प्रणाली के रूप में काम करता है ताकि उक्त श्रेणी में एक नेटवर्क में रखे गए उपकरण दूसरे में काम नहीं करें। यह स्थिति तब भी होगी जब सिम कार्ड बदल दिया जाए।  आईएमईआई 15 अंकों की संख्या है, जो वैश्विक उद्योग संगठन जीएसएमए आवंटित करता है।

मोबाइल फोन चोरी से राष्‍ट्रीय सुरक्षा को खतरा

दस्तावेज में कहा गया है, मोबाइल फोन की चोरी केवल वित्‍तीय नुकसान नहीं है बल्कि नागरिकों के व्यक्तिगत जीवन के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा को भी खतरा है। गायब हुए, चुराए गए या नकली हैंडसेट के आईएमईआई को सीईआईआर की सूचना दी जाएगी। दूरसंचार विभाग ने वैसे तो दूरसंचार परिचालकों को फर्जी आईएमईआई संख्या वाले मोबाइल फोन को सेवा उपलब्ध कराने से मना किया है।लेकिन कंपनियों को नकली आईएमईआई संख्या वाले हैंडसेट की पहचान में दिक्कत आती है।

सीईआईआर परिचालकों को फर्जी आईएमईआई संख्या वाले हैंडसेट की पहचान में भी मदद करेगा। दूरसंचार विभाग नियमों को भी अधिसूचित करने की तैयारी में है, जिसमें आईएमईआई संख्या में छेड़छाड़ दंडनीय अपराध होगा। इसमें तीन साल तक की जेल हो सकती है।

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