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मानसून रहा सामान्य तो 20 फीसदी तक बढ़ेगी किसानों की कमाई, सूखे की वजह से इनपर सम्पत्ति का 22 फीसदी कर्ज

 Written By: Dharmender Chaudhary
 Published : May 30, 2016 08:20 am IST,  Updated : May 30, 2016 12:28 pm IST

घरेलू ब्रोकरेज कंपनी जेएम फाइनेंशियल के मुताबिक दो साल कमजोर मानसून रहने के कारण इन किसानों का कर्ज बढ़कर उनकी सम्पत्ति का 22 फीसदी हो गया है।

Achhe Din: मानसून रहा सामान्य तो 20 फीसदी तक बढ़ेगी किसानों की कमाई- India TV Hindi
Achhe Din: मानसून रहा सामान्य तो 20 फीसदी तक बढ़ेगी किसानों की कमाई

मुंबई। इस साल मानसून के सामान्य रहने से किसानों की आय में 20 फीसदी तक बढ़ोतरी की उम्मीद है। घरेलू ब्रोकरेज कंपनी जेएम फाइनेंशियल के मुताबिक दो साल सूखे के कारण इन किसानों का कर्ज बढ़कर उनकी सम्पत्ति का 22 फीसदी हो गया है। रिपोर्ट में कहा गया कि अच्छी बारिश होने पर कृषि उत्पादन में इजाफा हो सकता है जिसका असर किसानों की कमाई पर पड़ेगा। 2014-15 के दौरान किसानों की कमाई 3 फीसदी और 2015-16 में 4 फीसदी घटी है। कमाई घटने की प्रमुख वजह देश में सूखे जैसे हालात को बताया गया।

ग्रामीण आय 12 फीसदी बढ़ने का अनुमान

जेएम फाइनेंशियल ने अपने तीसरे सालाना ग्रामीण सर्वे रूरल सफारी में कहा, मानसून के बेहतर होने से उत्पादन अच्छा हो सकता है और कृषि आय में 20 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है जबकि कुल ग्रामीण आय में वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान 12 फीसदी की वृद्धि हो सकती है। वहीं सरकार की तरफ से ग्रामीण खर्च में बढ़ोतरी से गैर-कृषि आय को मदद मिलने की संभावना है। औसतन किसानों की आय 2014-15 में 3.0 फीसदी और 2015-16 में 4.0 फीसदी की कमी आयी। वर्ष 2014 था 2015 के दौरान मानसून लंबी अवधि के औसत से क्रमश: 12 फीसदी और 14 फीसदी कम रहा। मौसम विभाग ने इस साल 106 फीसदी बारिश का अनुमान जताया है।

फसलों से कम कमाई चिंता का विषय

सर्वे में आगाह किया गया है कि किसानों के कर्ज में उल्लेखनीय वृद्धि के साथ कृषि उपज की कम आय से पूर्ण रूप से पुनरुद्धार मुश्किल लगता है। किसानों के ऊपर कर्ज 2014-15 में बढ़कर 22 फीसदी हो गया जो इससे पूर्व वर्ष में 18 फीसदी था। रिपोर्ट के अनुसार 2015-16 में कर्ज में 4.0 फीसदी वृद्धि और जमीन-जायदाद का बाजार बेहद कमजोर होने से हमारा अनुमान है कि शुरूआती बचत कर्ज में कमी लाने तथा छोटे सौदे के लिये किये जाने की उम्मीद है। इसका सकारात्मक प्रभाव अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार पर पड़ेगा।

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