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Q3 Results: ओबरॉय रियल्‍टी का शुद्ध लाभ 42% बढ़ा, लक्ष्‍मी विलास बैंक को हुआ 39 करोड़ रुपए का घाटा

 Edited By: Abhishek Shrivastava
 Published : Jan 31, 2018 02:35 pm IST,  Updated : Jan 31, 2018 02:35 pm IST

रियल एस्टेट क्षेत्र की कंपनी ओबरॉय रियल्‍टी लिमिटेड का एकीकृत शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 42 प्रतिशत बढ़कर 120.19 करोड़ रुपए हो गया है।

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नई दिल्‍ली। रियल एस्टेट क्षेत्र की कंपनी ओबरॉय रियल्‍टी लिमिटेड का एकीकृत शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 42 प्रतिशत बढ़कर 120.19 करोड़ रुपए हो गया है। पिछले वित्त वर्ष की दिसंबर तिमाही में कंपनी का मुनाफा 84.72 करोड़ रुपए था।

 कंपनी ने एक बयान में कहा कि समीक्षाधीन अवधि में उसकी एकीकृत आय भी बढ़कर 360.36 करोड़ रुपए हो गई है, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 264.65 करोड़ रुपए थी। वित्त वर्ष 2017-18 की अप्रैल-दिसंबर अवधि में कंपनी की आय बढ़कर 939.17 करोड़ रुपए हो गई, जबकि 2016 की इसी अवधि में आय 859.02 करोड़ रुपए थी।

लक्ष्मी विलास बैंक को 39 करोड़ का घाटा 

निजी क्षेत्र के लक्ष्मी विलास बैंक को चालू वित्त वर्ष की दिसंबर तिमाही में 39 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा हुआ है। डूबे कर्ज के लिए प्रावधान दोगुना होने की वजह से बैंक को घाटा उठाना पड़ा है। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में बैंक ने 78.38 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया था। 

शेयर बाजारों को भेजी सूचना में बैंक ने कहा कि तिमाही के दौरान उसकी कुल आय घटकर 817.51 करोड़ रुपए रह गई, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 879.26 करोड़ रुपए रही थी। आलोच्य तिमाही के दौरान डूबे कर्ज तथा अन्य आकस्मिक खर्चों के लिए प्रावधान बढ़कर 85.35 करोड़ रुपए पर पहुंच गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 48 करोड़ रुपए था। 

जागरण प्रकाशन का लाभ 11 प्रतिशत घटा  

जागरण प्रकाशन का दिसंबर में समाप्त तीसरी तिमाही का एकीकृत शुद्ध लाभ 11.05 प्रतिशत घटकर 87.23 करोड़ रुपए रह गया। इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी ने 98.07 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया था। 

कंपनी ने कहा कि आलोच्य तिमाही के दौरान कंपनी की कुल आय 608.87 करोड़ रुपए पर करीब-करीब स्थिर रही। इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 609.46 करोड़ रुपए थी। हालांकि, इस तिमाही के दौरान जागरण प्रकाशन का कुल खर्च 4.42 प्रतिशत बढ़कर 477.08 करोड़ रुपए पर पहुंच गया, जो एक साल पहले इसी अवधि में 456.87 करोड़ रुपए रहा था। 

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