1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. कंगाल पाकिस्‍तान फिर IMF के दरवाजे पर, 6 अरब डॉलर की मांग रहा भीख

कंगाल पाकिस्‍तान फिर IMF के दरवाजे पर, 6 अरब डॉलर की मांग रहा भीख

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Oct 03, 2021 03:58 pm IST,  Updated : Oct 03, 2021 03:58 pm IST

पाकिस्तान से जुडी एक और खबर सामने आई है जिसमें वह बासमती के श्रेय को लेकर एक हारी हुई लड़ाई लड़ रहा है। यूरोपीय संघ ने हाल ही में पाकिस्तानी चावल की एक खेप को खारिज कर दिया था।

कंगाल पाकिस्‍तान फिर IMF के दरवाजे पर, 6 अरब डॉलर की मांग रहा भीख- India TV Hindi
कंगाल पाकिस्‍तान फिर IMF के दरवाजे पर, 6 अरब डॉलर की मांग रहा भीख Image Source : AP

इस्लामाबाद: पाकिस्तान छह अरब डॉलर के ऋण पैकेज को फिर से पटरी पर लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) के साथ अगले सप्ताह बातचीत शुरू करने जा रहा है। मीडिया की खबरों में यह जानकारी दी गई है। ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के अनुसार, पांच दिन की तकनीकी वार्ता वर्चुअल तरीके से चार अक्टूबर को शुरू होगी। इसमें दोहा, कतर से आईएमएफ की टीम जुड़ेगी। यदि यह वार्ता सफलतापूर्वक संपन्न होती है, तो आईएमएफ पाकिस्तान को तत्काल एक अरब डॉलर जारी करेगा।

पाकिस्तान और आईएमएफ ने जुलाई, 2019 में छह अरब डॉलर के ऋण के लिए करार किया था। जनवरी, 2020 में यह कार्यक्रम पटरी से उतर गया था। इस साल मार्च में संक्षिप्त अवधि के लिए यह कार्यक्रम फिर शुरू हुआ, लेकिन जून में यह फिर पटरी से उतर गया। इस ऋण करार को लेकर दोनों पक्षों के बीच जून से अगस्त के दौरान कोई गंभीर वार्ता नहीं हुई है।

भारत को बदनाम कर बासमती चावल बेचना चाह रहा पाकिस्तान

पाकिस्तान से जुडी एक और खबर सामने आई है जिसमें वह बासमती के श्रेय को लेकर एक हारी हुई लड़ाई लड़ रहा है। यूरोपीय संघ ने हाल ही में पाकिस्तानी चावल की एक खेप को खारिज कर दिया था। इसलिए, जो वह खुले बाजार में नहीं बेच सकता था, वह सोशल मीडिया के माध्यम से बेच सकता है और इसके लिए 5वीं जेन वारफेयर कौशल के लिए धन्यवाद कहा जा सकता है।

डिसइंफोलैब ने एक रिपोर्ट में कहा कि इस अभियान का फायदा उठाकर 30 सितंबर से पाकिस्तानी अकाउंट्स ने भारतीय खाद्य उत्पादों का बहिष्कार कर भारत को बदनाम करने का एक और अभियान शुरू कर दिया। इसमें कहा गया है कि व्यवसाय का बहिष्कार एक आर्थिक पहलू के साथ जुड़ा हुआ है।

इस अभियान के विश्लेषण ने पाकिस्तान की ट्रोल फैक्ट्रियों के यांत्रिकी के बारे में दिलचस्प जानकारी दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वे भारत विरोधी एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं, कुछ दिनों के बाद चावल बेचने के अवसर का एहसास करने के बाद, उन्होंने इस अभियान की शुरूआत की। ये अकाउंट डिजिटल पाकिस्तान के विभिन्न ट्रोल समूहों का हिस्सा हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इन अकाउंट्स के विश्लेषण से, हम देखते हैं कि वे खुद को पाक सेना, आईएसआई, आईएसपीआर आदि से जोड़ते हैं। अभी तक यह पुष्टि नहीं हुई है कि प्रचारित किए जा रहे चावल के ब्रांड पाक फौज के हैं, या उनसे स्वतंत्र हैं।

ये अकाउंट अपने ट्वीट में उसी टेम्पलेट का उपयोग करते हुए ट्रोल समूहों के उसी समूह को भी टैग करते हैं, जिसका वे हिस्सा हैं, ताकि इन समूहों के अन्य सदस्य इन ट्वीट्स को आगे बढ़ा सकें। कई ट्रोल समूह सोशल मीडिया पर भारत के बदनाम करने के साथ ही पाकिस्तान के चावल को आगे बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा