1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. Uttarakhand Avalanche: NTPC ने कहा तपोवन पनबिजली परियोजना को पहुंचा नुकसान, नेशनल ग्रिड को कम मिलेगी बिजली

Uttarakhand Avalanche: NTPC ने कहा तपोवन पनबिजली परियोजना को पहुंचा नुकसान, नेशनल ग्रिड को कम मिलेगी बिजली

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Feb 08, 2021 01:22 pm IST,  Updated : Feb 08, 2021 01:22 pm IST

एनटीपीसी ने ट्वीट कर बताया कि उत्तराखंड में तपोवन के पास एक हिमस्खलन ने क्षेत्र में हमारी निर्माणाधीन पनबिजली परियोजना के एक हिस्से को नुकसान पहुंचाया है।

Uttarakhand Avalanche: NTPC says Tapovan  hydro project damages- India TV Hindi
Uttarakhand Avalanche: NTPC says Tapovan  hydro project damages Image Source : PTI

नई दिल्‍ली।  सरकारी बिजली कंपनी नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (NTPC) ने कहा कि उत्तराखंड में तपोवन के पास हिमस्खलन (Uttarakhand Avalanche) ने उसकी निर्माणाधीन पनबिजली परियोजना को नुकसान पहुंचाया है। उत्तराखंड के चमोली जिले के जोशीमठ में एक ग्लेशियर टूट गया, जिससे धौली गंगा नदी में बाढ़ आ गई और इसके किनारे रहने वाले लोगों का जीवन खतरे में पड़ गया। ऐसा कहा जा रहा है कि इससे बड़े पैमाने पर नुकसान की आशंका है।

एनटीपीसी ने ट्वीट कर बताया कि उत्तराखंड में तपोवन के पास एक हिमस्खलन ने क्षेत्र में हमारी निर्माणाधीन पनबिजली परियोजना के एक हिस्से को नुकसान पहुंचाया है। बचाव अभियान जारी है, जिला प्रशासन और पुलिस की मदद से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। तपोवन विष्णुगढ़ बिजली संयंत्र 520 मेगावॉट की एक नदी परियोजना है, जो उत्तराखंड के चमोली जिले में धौलीगंगा नदी पर बनाई जा रही है। कंपनी ने बताया कि उसकी कुल वाणिज्यिक क्षमता वर्तमान में 5151310 मेगावॉट और समूह की वाणिज्यिक क्षमता 63925 मेगावॉट है।

नेशनल ग्रिड को बिजली आपूर्ति में 200 मेगावॉट की कटौती  

उत्‍तराखंड में  हिमस्‍खलन के बाद स्‍थानीय प्रशासन द्वारा सावधानी के चलते टेहरी और कोटेश्‍वर में दो बिजली संयंत्रों के बंद करने से नेशनल ग्रिड को मिलने वाली बिजली में लगभग 200 मेगावॉट की कटौती हुई है। प्रभावित इलाके में स्थित जल विद्युत संयंत्र में से अधिकांश या तो निर्माणाधीन हैं या वे छोटी जल विद्युत परियोजना श्रेणी में आते हैं, जिनकी क्षमता 25 मेगावॉट है। अधिकांश छोटे बिजली संयंत्र राज्‍य सरकार के अधीन हैं।

एक अधिकारी ने बताया कि सभी बड़ी विद्युत परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं ऐसे में वहां से बिजली आपूर्ति में कोई बाधा आने का सवाल ही नहीं उठता। एनटीपीसी के एक बड़ी जल विद्युत परियोजना के पूरी तरह से बह जाने के कारण कंपनी को करोड़ों रुपये का बड़ा नुकसान हुआ है।

टेहरी (1000मेगावॉट) और कोटेश्‍वर (400मेगावॉट) परियोजनो का संचालन टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड द्वारा किया जाता है, जो एनटीपीसी की ही एक इकाई है। पिछले साल एनटीपीसी ने टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड में सरकार की 74.496 प्रतिशत हिस्‍सेदारी 7500 करोड़ रुपये में खरीदी थी।     

यह भी पढ़ें: Bitcoin की तरह भारत में होगी अपनी डिजिटल करेंसी, RBI ने कहा शीघ्र होगी इसकी घोषणा

यह भी पढ़ें: 4+128GB, 6.52-inch डिस्‍प्‍ले, ट्रिपल रियर कैमरा और 4,230mAh बैटरी के साथ 12,490 रुपये में लॉन्‍च हुआ ये फोन

यह भी पढ़ें: भारतीय उपभोक्‍ता अब RBI में खोल सकेंगे अपना खाता, मिलेगी ये सुविधा

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा