किश्तवाड़ से एवलांच का वीडियो सामने आया है, जिसमें बर्फ ढलान पर लगे पेड़ों को पार करती हुई नीचे आती दिख रही है। जानें किश्तवाड़ में हिमस्खलन का पूरा मामला।
कश्मीर के सोनमर्ग में जबरदस्त हिमस्खलन हुआ है। हिमस्खलन यह घटना कैमरे में कैद हो गई जिसमें पहाड़ी इलाके में अचानक से बर्फ का एक तूफान उठते दिख रहा है।
भारी बर्फबारी के बीच उत्तराखंड में एक बार फिर हिमस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। राज्य आपदा प्रबंधन ने सभी जिलों को अलर्ट किया है।
एक महिला बर्फ से ढके पहाड़ों पर स्कीइंग कर रही थी। महिला को इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि अगले पल उसके साथ क्या होने वाला है। महिला के साथ जो हुआ उसका वीडियो सामने आया है।
नेपाल के यालुंग री पर्वत पर हिमस्खलन हुआ है। हिमस्खलन की चपेट में आने से 3 लोगों की मौत हो गई है। हिमस्खलन में घायल हुए पर्वतारोहियों को इलाज के लिए राजधानी काठमांडू ले जाया गया है।
भारतीय दूतावास ने बचाव अभियान की सराहना की है और सभी भारतीय पर्यटकों से संपर्क साधा है। एक प्रवक्ता ने कहा, "हमारे नागरिकों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है और नेपाल सरकार का सहयोग सराहनीय है।" यह घटना भारत-नेपाल के बीच पर्यटन सहयोग को मजबूत करने का अवसर भी प्रदान करती है।
जम्मू-कश्मीर के गांदेरबल जिले के सोनमर्ग के सरबल क्षेत्र में आज सुबह हिमस्खलन हुआ। हालांकि, जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं आई है। हिमस्खलन की घटना कैमरे में कैद हो गई, जिसमें बर्फ तेजी से फैलती हुई नजर आ रही है।
लाहौल स्पीति में आईटीबीपी जवानों के कैंप के पास एक हिमस्खलन देखने को मिला। गनीमत रही कि कैंप से 200 मीटर पहले आकर ये हिमस्खलन रुक गया, नहीं तो यहां भी बड़ा हादसा हो सकता था।
चमोली जिले में हुए हिमस्खलन में सीमा सड़क संगठन (BRO) के मजदूर बड़ी संख्या में बर्फ के अंदर फंस गए थे। शुक्रवार से ही भारतीय सेना बचाव एवं राहत कार्य चला रही थी। हिमस्खलन हादसे में 8 मजदूरों की मौत हो गई।
उत्तराखंड के माणा में हिमस्खलन के बाद अभी भी चार मजदूर बर्फ में फंसे हुए हैं, जिन्हें बाहर निकालने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। अब तक 50 मजदूरों को बाहर निकाला जा चुका है, जिनमें से चार की मौत हो गई है।
उत्तराखंड के चमोली जिले के माणा गांव में एक हिमस्खलन ने 55 मजदूरों के कैंप को तबाह कर दिया। कई मजदूरों ने बर्फ के सैलाब से बचने की अपनी कहानी सुनाई।
उत्तराखंड के चमोली जिले के माणा गांव में हिमस्खलन से 55 मजदूर फंस गए थे जिनमें से 4 की मौत हो गई है। बचाव अभियान जारी है और मुख्यमंत्री धामी ने राहत कार्यों का जायजा लिया है।
14 मजदूरों को निकालने के साथ ही, शुक्रवार सुबह माना और बद्रीनाथ के बीच सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) शिविर पर हुए हिमस्खलन में फंसे 55 मजदूरों में से 47 को बचा लिया गया है। शुक्रवार रात तक 33 को बचा लिया गया था।
पहाड़ से मलबा गिरने के कारण ऋषिकेश-बद्रीनाथ राजमार्ग कर्णप्रयाग के पास कल रात से बंद है। लगातार बारिश के कारण राजमार्ग पर विभिन्न स्थानों पर मलबा गिरने से राजमार्ग बंद हो गया है।
उत्तराखंड के चमोली जिले के माणा गांव में हिमस्खलन में 57 मजदूर फंसे थे, जिनमें से कई मजदूरों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। बचावकर्मी हिमस्खलन में फंसे बाकी मजदूरों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
उत्तराखंड के चमोली जिले के माणा में हिमखंड टूटने से 57 मजदूर बर्फ में दब गए। 16 को बचा लिया गया है, राहत कार्य जारी है, लेकिन बर्फबारी की वजह से बचाव कार्य में मुश्किल आ रही है।
चमोली जिले के माणा गांव के पास हुए हिमसख्लन में बीआरओ के 57 मजदूर दब गए। हादसे के बाद आटीबीपी के जवान मौके पर पहुंच कर बर्फ में फंसे मजदूरों को निकालने में जुटी हुई है। सीएम धामी इस हादसे पर पल-पल नजर बनाए हुए हैं।
चमोली के माणा स्थित बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन के कैंप के पास यह हिस्खलन की घटना हुई है। 32 मजदूरों को बचा लिया गया है। इलाके में लगातार बर्फबारी हो रही है।
लद्दाख में पिछले साल 3 सैनिकों के शव हिमस्खलन के बाद बर्फ में दब गए थे। भारतीय सेना ने एक ऑपरेशन चलाकर इन तीनों शवों को ढूंढ़ निकाला है।
जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में हिमस्खल में की चपेट में दो वाहन आ गए। हालांकि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। रेस्क्यू टीम ने दोनों वाहनों को निकाल लिया।
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