Astrology Tips: आज माघ शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि और शनिवार का दिन है। त्रयोदशी तिथि आज सुबह 8 बजकर 26 मिनट तक रहेगी, उसके बाद चतुर्दशी तिथि लग जायेगी। आज दोपहर 1 बजकर 34 मिनट तक विष्कुम्भ योग रहेगा। साथ ही आज देर रात 1 बजकर 34 मिनट तक पुनर्वसु नक्षत्र रहेगा। आज के दिन किए गए ज्योतिषीय उपाय शनि दोष और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में सहायक होंगे। सफलता, तरक्की और सौभाग्य बढ़ाने के लिए आज किए गए उपाय अत्यंत प्रभावशाली माने जाते हैं।
- अगर आप किसी नए काम की शुरुआत करना चाहते हैं तो इसके लिए पुनर्वसु नक्षत्र में ऑफिस या दुकान के मुख्य द्वार के ऊपर बांस के छः-छः इंच के दो टुकड़े लगाएं और ध्यान रहे कि उसके दोनों सिरे खुले हुए होने चाहिए। अगर बांस न मिले तो बांस से बनी बांसुरी को उपयोग में ला सकते हैं और उनके साथ एक मोर का पंख भी लगा दें।
- अगर आप अपनी कला को निखारना चाहते हैं, तो आज आपको उचित स्थान पर देवी लक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करनी चाहिए और वहीं पास में ही एक छोटी-सी रंगोली बनानी चाहिए। अब देवी मां के सामने और उस रंगोली के बीचो-बीच एक घी का दीपक जलाना चाहिए और देवी मां की विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए। साथ ही अपने हाथों से ताजे फूलों की माला बनाकर देवी मां को चढ़ानी चाहिए।
- अगर आप अपने मन पसंद जीवनसाथी से विवाह करना चाहते हैं और उसमें कोई अड़चन आ रही है या फिर आपकी कन्या के विवाह से संबंधित कोई परेशानी है तो पुनर्वसु नक्षत्र में श्री विष्णु और मां लक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर के आगे आसन पर बैठकर “ऊं लक्ष्मी नारायणाय नमः” मंत्र का एक माला जाप करें और अगर संभव हो तो स्फटिक की माला से जाप करें। जाप के बाद भगवान को भूने हुए आटे में पिसी हुई शक्कर का भोग लगाएं।
- अगर आपकी तमाम कोशिशों के बाद भी आपको कार्यक्षेत्र में मनचाही सफलता नहीं मिल पा रही है, तो आज स्नान आदि के बाद मंदिर जाकर भगवान को पुष्प अर्पित कर हाथ जोड़कर प्रणाम करें और फिर भगवान से मनचाही सफलता पाने के लिए प्रार्थना करें।
- अगर खूब मेहनत के बावजूद भी आपको पैसों के मामले में सफलता प्राप्त नहीं हो रही है, तो आज के दिन आपको सुबह स्नान आदि के बाद विधि-पूर्वक धूप-दीप आदि से देवी मां की पूजा करनी चाहिए और उसके बाद देवी मां का ध्यान करते हुए चावल से हवन करना चाहिए। आज के दिन ऐसा करने से आपको अपनी मेहनत के अनुसार पैसों के मामले में सफलता अवश्य ही प्राप्त होगी।
- अगर आप अपने लक्ष्य को ऊँचे मुकाम तक ले जाना चाहते हैं, तो आज पुनर्वसु नक्षत्र के दौरान मंदिर या किसी धर्मस्थल पर चने की दाल दान करें। साथ ही गुरु के मंत्र का 21 बार जप करें। मंत्र इस प्रकार है –
- ‘ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: बृहस्पतये नमः’।
- आपके घर में धन-दौलत तो बहुत है, लेकिन परिवार के सदस्यों के बीच सामंजस्य नहीं है तो इसके लिए पुनर्वसु नक्षत्र में दो बांसुरी लेकर उसे अपने घर की बीम के दोनों तरफ लाल कपड़े के फिते से बांध दें और ध्यान रहे कि बांसुरी का मुंह आपके घर के मुख्य दरवाजे की ओर रहे।
- अगर आप तरक्की की नई बुलंदियों को छूना चाहते हैं, अपनी एक अलग पहचान बनाना चाहते हैं तो आज आपको अपने हाथों से पंचामृत तैयार करना चाहिए। पंचामृत तैयार करने के लिये दूध, दही, शहद, गंगाजल और थोड़ी-सी शक्कर लेनी चाहिए और उन्हें आपस में मिलाकर पंचामृत तैयार करना चाहिए। अब इस पंचामृत से भगवान को भोग लगाइए और अपनी तरक्की के लिये प्रार्थना करिये।
- अगर आप अपने कामों की गति को बनाये रखना चाहते हैं या अपने किसी खास काम की सफलता सुनिश्चित करना चाहते हैं तो आज एक सफेद कोरा कागज और केसरीया सिन्दूर लें। अब उस सिन्दूर में थोड़ा-सा चमेली का तेल मिलाकर उससे सफेद कोरे कागज पर भगवान राम का नाम लिखें। राम, राम, राम — इस प्रकार 11 बार ‘राम’ नाम लिखना है। लिखने के बाद उस कागज को अच्छे से सुखा लें और सूखने के बाद उस कागज को मोड़कर अपने पर्स में रख लें।
- अगर आप अपने जीवनसाथी के साथ रिश्तों को मधुर बनाना चाहते हैं, तो आज सफेद चंदन की लकड़ी को पत्थर पर घिसकर उसमें थोड़ा-सा केसर मिलाकर लेप बना लें और मंदिर जाकर या घर पर ही भगवान की तस्वीर को उस लेप से तिलक लगाएं। इसके बाद बचे हुए लेप से अपने जीवनसाथी के और अपने मस्तक पर भी तिलक लगाएं।
- अगर आप अपनी योग्यता के बल पर सरकारी क्षेत्र में उच्च पद प्राप्त करना चाहते हैं, तो आज पुनर्वसु नक्षत्र के दौरान घर के आस-पास किसी मंदिर या स्थल की साफ-सफाई में अपना योगदान दें। साथ ही बृहस्पति जी के मंत्र का 11 बार जप करें। मंत्र इस प्रकार है –
- ऊँ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: बृहस्पतये नमः।
- अगर आप अपने घर और कारोबार की लक्ष्मी को हमेशा बनाये रखना चाहते हैं या कहें उसे सिद्ध करना चाहते हैं, तो आज आपको देवी लक्ष्मी के आगे घी का दीपक जलाकर उन्हें शक्कर का भोग लगाएं। साथ ही देवी मां के चरणों में 5 कौड़ियां रखें। अब पूर्व दिशा की ओर मुख करके देवी मां का ध्यान करते हुए स्फटिक की माला पर 108 बार देवी मां के इस विशेष मंत्र का जप करें। मंत्र इस प्रकार है –
- ऊँ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं सिद्धलक्ष्म्यै नमः।
- इस प्रकार मंत्र का जप करने के बाद देवी मां के चरणों में रखी कौड़ियों को एक लाल कपड़े में बांधकर अपने पास रख लें।
(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)
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