Friday, January 30, 2026
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Budget 2026: रेलवे में क्या हो सकता है खास? नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सहित इन पर रह सकता है फोकस

बजट 2026 रेलवे को आधुनिक, सुरक्षित और यात्री-केंद्रित बनाने पर फोकस रह सकता है। यह देखने वाली बात होगी कि कोविड के बाद 2020 से निलंबित सीनियर सिटीजन कंसेशन बहाल किया जाएगा या नहीं।

Written By : Anamika Gaur Edited By : Sourabha Suman Published : Jan 30, 2026 10:42 pm IST, Updated : Jan 30, 2026 10:46 pm IST
रेलवे के लिए कुल प्रावधान ₹2.65 लाख करोड़ से ₹2.8 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है।- India TV Paisa
Photo:INDIA TV रेलवे के लिए कुल प्रावधान ₹2.65 लाख करोड़ से ₹2.8 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है।

भारत सरकार का आगामी यूनियन बजट 2026-27 रेलवे सेक्टर के लिए एक बार फिर महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय रेल को लगातार ज्यादा आवंटन मिले हैं, और इस बार भी कैपिटल एक्सपेंडिचर में स्थिरता या मामूली वृद्धि की उम्मीद है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि रेलवे के लिए कुल प्रावधान ₹2.65 लाख करोड़ से ₹2.8 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है, जो पिछले बजट (2025-26 में करीब ₹2.65 लाख करोड़) से 8% तक की बढ़ोतरी दर्शाता है। यह फोकस साल 2047 में विकसित भारत के विजन के मुताबिक होगा, जहां सुरक्षा, आधुनिकीकरण, क्षमता विस्तार और यात्री सुविधाओं पर जोर रहेगा।

मुख्य उम्मीदें और संभावित घोषणाएं

कवच सिस्टम का विस्तार: स्वदेशी एंटी-कॉलिजन सिस्टम कवच (कवच 4.0–5.0) को बड़े पैमाने पर लागू करने के लिए भारी फंडिंग की संभावना है। सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए व्यस्त रूट्स पर इसका तेजी से रोलआउट होगा, ताकि दुर्घटनाओं को न्यूनतम किया जा सके।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें: लंबी दूरी की यात्रा को क्रांतिकारी बनाने के लिए 20 नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें शुरू करने की मजबूत उम्मीद है। 24-कोच वाली एडवांस्ड वर्जन (AC पैंट्री, ज्यादा बर्थ, फायर सेफ्टी, CCTV और कवच इंटीग्रेशन के साथ) का प्रोडक्शन और रोलआउट तेज होगा, जो राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों को रिप्लेस कर सकता है।

AI और स्मार्ट ऑपरेशंस: स्टेशनों के अपग्रेडेशन, सिग्नलिंग सिस्टम में AI का इस्तेमाल, स्मार्ट मॉनिटरिंग और ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने पर फोकस रहेगा। इससे ट्रेनों की स्पीड, समयबद्धता और क्षमता में सुधार आएगा।

सीनियर सिटीजन छूट की बहाली: कोविड के बाद 2020 से निलंबित सीनियर सिटीजन कंसेशन (मेल/एक्सप्रेस में 40-50%) को बहाल करने की जोरदार मांग है। बजट में इसकी घोषणा से लाखों बुजुर्ग यात्रियों को राहत मिल सकती है।

हाइड्रोजन ट्रेन पर जोर: ग्रीन हाइड्रोजन आधारित ट्रेनों के पायलट प्रोजेक्ट्स को कमर्शियल स्केल पर ले जाने के लिए नीतिगत समर्थन और फंडिंग की उम्मीद है। यह रेलवे को पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम होगा।

कुल मिलाकर, कैपिटल एक्सपेंडिचर की निरंतरता से वंदेभारत, कवच और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे प्रोजेक्ट्स को गति मिलेगी, जिससे भारतीय रेलवे वैश्विक स्तर पर और मजबूत होगा। क्या बजट इन उम्मीदों पर खरा उतरेगा? 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की प्रस्तुति से सब साफ हो जाएगा। 

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