Friday, January 30, 2026
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Budget 2026: किसान उत्पादक संगठन के समर्थन को बढ़ा सकती है सरकार!, जानें क्या है और उम्मीदें

बजट 2026 में न सिर्फ किसानों की आमदनी बढ़ाने पर जोर दिया जा सकता है, बल्कि खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाने में भी सरकार नई पहल कर सकती है।

Edited By: Sourabha Suman @sourabhasuman
Published : Jan 30, 2026 06:28 pm IST, Updated : Jan 30, 2026 06:30 pm IST
बजट में नहरों की मरम्मत, ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई जैसी तकनीकों में निवेश बढ़ाया जा सकता है।- India TV Paisa
Photo:SANSAD TV/ANI बजट में नहरों की मरम्मत, ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई जैसी तकनीकों में निवेश बढ़ाया जा सकता है।

यूनियन बजट 2026 से पहले कृषि क्षेत्र में किसानों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। खासतौर पर किसान उत्पादक संगठनों यानी FPOs के लिए सरकार द्वारा समर्थन बढ़ाने की संभावना चर्चा में है। यह कदम न केवल किसानों को बेहतर वर्किंग कैपिटल उपलब्ध कराने में मदद करेगा, बल्कि फसल के बाद प्रोसेसिंग, मार्केट इंटेलिजेंस और समग्र प्रबंधन में भी सुधार लाने की दिशा में अहम साबित हो सकता है। 

किसानों के लिए बड़े ऐलान भी संभव

बजट में किसानों की आमदनी बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने पर खास जोर दिया जा सकता है। इसके आलावा माना जा रहा है कि पीएम-किसान योजना में वृद्धि सालाना 6,000 रुपये की राशि से ज्यादा बढ़ सकती है। भुगतान प्रक्रिया को और आसान बनाया जा सकता है और अधिक किसानों को इस योजना से जोड़ा जा सकता है। मजबूत फसल बीमा योजना के  मुआवजा जल्दी मिलने की व्यवस्था, नुकसान का सटीक आकलन और मौसम या प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को समय पर राहत दी जा सकती है।

सिंचाई को मिल सकता है बढ़ावा

बजट में नहरों की मरम्मत, ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई जैसी तकनीकों में निवेश बढ़ाया जा सकता है, जिससे पानी की बचत और फसल की गुणवत्ता में सुधार होगा। साथ ही नया बीज विधेयक लाया जा सकता है। इसके तहत नकली बीज बेचने पर 30 लाख रुपये तक जुर्माना और 3 साल तक जेल का प्रावधान हो सकता है, जिससे किसानों को बुवाई के समय बड़ा नुकसान नहीं होगा।

कृषि ऋण में मिल सकती है राहत

आसान और सस्ते लोन की व्यवस्था बढ़ाई जा सकती है। लक्ष्य 32.50 लाख करोड़ रुपये से आगे बढ़ सकता है, जिससे किसान साहूकारों पर कम निर्भर होंगे। 100 जिलों में विशेष कृषि योजनाएं- मिट्टी की जांच, स्थानीय फसल योजना और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने वाली पहलें लागू की जा सकती हैं। साथ ही बेहतर भंडारण सुविधाओं और फूड प्रोसेसिंग सपोर्ट के जरिए किसानों को उच्च मूल्य वाले बाजार तक पहुंचाने की तैयारी हो सकती है।

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