Friday, January 30, 2026
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Budget 2026: पांच साल के आंकड़े भारत के रक्षा खर्च को लेकर क्या देते हैं संकेत, समझें पूरी बात

विश्लेषकों का मानना है कि आगामी बजट यह संकेत देगा कि भारत का धीरे-धीरे बढ़ता रक्षा व्यय आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में कितना योगदान दे सकता है।

Edited By: Sourabha Suman @sourabhasuman
Published : Jan 30, 2026 06:03 pm IST, Updated : Jan 30, 2026 06:03 pm IST
वित्त वर्ष 2025-26 के बजट अनुमान में रक्षा व्यय 6.81 लाख करोड़ रुपये रखा गया है।- India TV Paisa
Photo:ANI वित्त वर्ष 2025-26 के बजट अनुमान में रक्षा व्यय 6.81 लाख करोड़ रुपये रखा गया है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आगामी 1 फरवरी को आम बजट 2026 पेश करने जा रही हैं। इस बार माना जा रहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत रक्षा खर्च इस बजट में काफी अहमियत रखने वाला है। बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और सेना के आधुनिकीकरण को देखते हुए सरकार ने रक्षा बजट पर लगातार फोकस बनाए रखा है। पिछले पांच वर्षों में भारत का रक्षा व्यय लगातार बढ़ा है। वित्त वर्ष 2020-21 में यह 4.85 लाख करोड़ रुपये था, जो 2024-25 (संशोधित अनुमान) में बढ़कर 6.41 लाख करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2025-26 के बजट अनुमान में रक्षा व्यय 6.81 लाख करोड़ रुपये रखा गया है। इसका मतलब है कि पिछले पांच वर्षों में लगभग 2 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि हुई, जिसमें हाल के वर्षों में सीमा तनाव और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के चलते तेज बढ़ोतरी देखी गई।

आधुनिकीकरण और पूंजीगत व्यय पर जोर

रक्षा बजट का बढ़ता हिस्सा अब आधुनिककरण और पूंजीगत व्यय पर केंद्रित है। बजट 2025-26 के अनुसार कुल रक्षा व्यय का लगभग 26% यानी 1.80 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत खर्च के लिए रखा गया, जिसमें ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के तहत घरेलू खरीद पर जोर है। उद्योग संगठन FICCI ने कहा है कि इस हिस्से को बढ़ाकर कुल रक्षा बजट का लगभग 30% किया जाना चाहिए।

तकनीक, R&D और निर्यात पर ध्यान

बजट 2026 में केवल राशि बढ़ाने की बजाय गुणवत्ता सुधार पर फोकस करने की उम्मीद है। FICCI ने DRDO के लिए 10,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि, AI-सक्षम प्रणालियों, UAVs, साइबर और अंतरिक्ष क्षमताओं के लिए बढ़ा समर्थन देने की मांग की है। रक्षा निर्यात भी एक प्रमुख क्षेत्र है। 2016-17 से 2023-24 के बीच भारत का रक्षा निर्यात वार्षिक 46% की दर से बढ़ा है, जिसमें निजी कंपनियों का बड़ा योगदान रहा। सरकार ने 2028-29 तक 50,000 करोड़ रुपये के रक्षा निर्यात का लक्ष्य रखा है।

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