देहरादून: उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मंगलवार को फिर से बर्फबारी हुई। एक हफ्ते से भी कम समय में प्रदेश में दूसरी बार हिमपात हुआ है। उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और हिमस्खलन (एवलांच) की संभावना को देखते हुए, उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) ने सभी जिलों को अलर्ट किया है। डिफेंस जियो-इंफॉर्मेटिक्स रिसर्च एस्टैब्लिशमेंट (DGRE), चंडीगढ़ द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार, 28 जनवरी को शाम 5 बजे तक राज्य के विभिन्न ऊंचे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और हिमस्खलन की संभावना है।
बदरीनाथ, केदारनाथ में बर्फबारी
चमोली जिले में बदरीनाथ तथा रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ और आसपास की चोटियों पर सोमवार रात से ही रुक-रुक कर हिमपात हो रहा है। उत्तरकाशी जिले में भी बंदरपुंछ और अन्य पर्वतों की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई है। DGRE द्वारा जारी चेतावनी के अनुसार, उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों को ऑरेंज कैटेगरी में रखा गया है। इस कैटेगरी में, ज्यादातर हिमस्खलन वाले रास्तों पर गहरी और अस्थिर बर्फ मौजूद है, जिससे प्राकृतिक हिमस्खलन की संभावना बढ़ जाती है। इन स्थितियों में, बहुत सावधानी के साथ सुरक्षित रास्तों पर ही सीमित आवाजाही उचित मानी जाती है। बर्फ से ढकी ढलानों पर कोई भी गतिविधि बहुत जोखिम भरी हो सकती है।

पिथौरागढ़ येलो और बागेश्वर जिला ग्रीन कैटेगरी में, क्या है इसका मतलब?
पिथौरागढ़ जिले को येलो कैटेगरी में रखा गया है। इस कैटेगरी में, कुछ हिमस्खलन वाले रास्तों पर अस्थिर बर्फ मौजूद है, और सीमित क्षेत्रों में छोटे प्राकृतिक हिमस्खलन की संभावना बनी रहती है। घाटी वाले क्षेत्रों में सावधानी के साथ आवाजाही संभव है। हालांकि, बर्फ से ढकी ढलानों से बचना जरूरी है।
बागेश्वर जिले को ग्रीन कैटेगरी में रखा गया है। इस कैटेगरी में, स्थितियां आम तौर पर अपेक्षाकृत स्थिर मानी जाती हैं, हालांकि कुछ जगहों पर स्थानीय स्तर पर बर्फ में अस्थिरता हो सकती है।
यह भी पढ़ें-
बर्फबारी के कारण हवाई मार्ग बाधित, श्रीनगर आने-जाने वाली 58 उड़ानें रद्द, बुरी तरह फंसे सैलानी