महाशिवरात्रि के मौके पर आज बाबा केदार के शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर में परंपरागत पूजा-अर्चना के बादपंचांग गणना कर कपाट खुलने का मुहूर्त निकाला गया। इस मुहुर्त के अनुसार 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे।
भारी बर्फबारी के बीच उत्तराखंड में एक बार फिर हिमस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। राज्य आपदा प्रबंधन ने सभी जिलों को अलर्ट किया है।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने केदारनाथ धाम में प्रदेशवासियों के लिए सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया।
आज भाई दूज के मौके पर सुबह करीब 8:30 बजे अगले छह महीने के लिए केदारनाथ धाम के कपाट बंद कर दिए गए। इस दौरान पूरी केदारघाटी हर हर महादेव और जय बाबा केदार के जयघोष से गूंज उठी।
केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने में कुछ ही दिन बाकी है। आज इसको लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। आज केदारनाथ धाम के संरक्षक देवता भकुंट भैरवनाथ जी के कपाट बंद कर दिए गए हैं।
अगर आप भी चारधाम की यात्रा की पर निकलने की सोच रहे हैं तो आपको लिए बड़ी खबर सामने आई है। बदरीनाथ, केदारनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट जल्द ही बंद होने जा रहे हैं।
इस रोपवे के जरिए एक तरफ से हर घंटे 1,800 यात्रियों को पहुंचाया जा सकेगा। इसके निर्माण से हर साल लाखों तीर्थयात्रियों को सुविधा मिलेगी।
यह पूर्ण चंद्रग्रहण है। पूर्ण चंद्रग्रहण रात 8:58 बजे शुरू होगा। चंद्रग्रहण का वास्तविक आरंभ रात 9:57 बजे होगा। पूर्ण ग्रहण रात 11 बजे के आसपास शुरू होगा।
इन प्रोजेक्ट्स से रोपवे कनेक्टिविटी का विस्तार होने और टूरिज्म को बढ़ावा देकर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की उम्मीद है।
अभी भक्तों को केदारनाथ मंदिर तक पहुंचने के लिए गौरीकुंड से 16 किलोमीटर तक बेहद चुनौतीपूर्ण यात्रा करनी पड़ती है। रोपवे बनने के बाद 8 से 9 घंटे के सफर को महज 36 मिनट में तय किया जा सकेगा।
केदारनाथ धाम की यात्रा को 12 अगस्त से अगले तीन दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। दरअसल मौसम विभाग द्वारा मौसम का पूर्वानुमान जारी कर बताया गया है कि यात्रा के रूट में जोरदार बारिश हो सकती है। इस कारण प्रशासन द्वारा यह फैसला लिया गया है।
उत्तराखंड में मूसलाधार आफत से तबाही मची हुई है। पानी के प्रकोप से न दुकानें बची हैं, न मकान और न ही जानवर। भारी बारिश को देखते हुए केदारनाथ यात्रा आगामी तीन दिनों के लिए रोक दी गई है। 12, 13 व 14 अगस्त को यात्रा पर रोक रहेगी।
भारी बारिश का असर केदारनाथ यात्रा पर भी दिखाई दिया है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केदारनाथ यात्रा रोक दी गई है। यात्री सोनप्रयाग और गौरीकुंड में रोके गए हैं।
उत्तराखंड में इन दिनों जोरदार बारिश देखने को मिल रही है। इस कारण सोनप्रयाग क्षेत्र में हुए भूस्खलन में 40 श्रद्धालु फंस गए थे। अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि उन श्रद्धालुओं के एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू कर लिया है।
उत्तराखंड के रूद्रप्रयाग में गुरुवार को एक यात्रियों से भरी बस अलकनंदा नदी में समा गई जिसमें एक बच्चे के माता पिता की भी मौत हो गई। अब उस बच्चे का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे देखकर आपकी आंखों में भी आंसू आ जाएंगे। देखें वीडियो....
केदारनाथ धाम जाने वाले शिव भक्त फिर से हादसे का शिकार हो गए हैं। केदारनाथ मंदिर जाने वाले पैदल मार्ग में लैंडस्लाइड होने से 2 तीर्थयात्रियों की दर्दनाक मौत हो गई है। 3 लोग घायल बताए जा रहे हैं।
बाबा केदारनाथ के दर्शन करने के लिए कुछ यात्रियों ने एंबुलेंस को ही बुक कर लिया, ताकि ट्रैफिक जाम से बचा जा सके। सोनप्रयाग पुलिस ने दोनों एंबुलेंसों को पकड़ लिया है और चालान कर दिया है।
केदारनाथ धाम से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। हालही में हुए हेलिकॉप्टर हादसे के बाद इन सेवाओं पर रोक लगा दी गई थी लेकिन अब हेलिकॉप्टर सेवाएं फिर से शुरू होंगी।
केदारनाथ में हेलीकॉप्टर क्रैश होने से सात लोगों की मौत हुई। इस हादसे के बाद उत्तराखंड सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं। अब कमांड और कोऑर्डिनेशन सेंटर स्थापित करने का फैसला किया गया है।
केदारनाथ में रविवार को एक हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। इसमें सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। वहीं हेलिकॉप्टर के पायलट राजवीर सिंह की भी इस हादसे में मौत हो गई।
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