आजकल के बदलती जीवनशैली और खराब खान पान की वजह से कम उम्र में ही लोग बैड कोलेस्ट्रॉल की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में खराब कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के लिए ज़रूरी है कि आपकी डाइट अच्छी हो। दिल की बेहतरीन सेहत और बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए डाइट में आप बीटरूट को ज़रूर शामिल करें। दरअसल, चुकंदर में नाइट्रिक ऑक्साइड की अच्छा मात्रा होती है जो दिल की सेहत के लिए फायदेमंद है। इसमें फाइबर की भी अच्छी मात्रा होती है।इसके अलावा चुंकदर में कई प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट्स भी होते हैं जो अपने एंटीइंफ्लेमेटरी गुणों से पेंक्रियाज सेल्स को एक्टिवेट करते हैं और शुगर मेटाबोलिज्म को तेज करते हैं। चलिए जानते हैं चुकंदर, हाई कोलेस्ट्रॉल वाले मरीजों के लिए कैसे फायदेमंद है।
HDL में बढ़ोतरी: रिसर्च से पता चलता है कि चुकंदर का जूस HDL-C (हाई-डेंसिटी लिपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल) के लेवल को बढ़ा सकता है।
ट्राइग्लिसराइड्स को कम करना: चुकंदर ट्राइग्लिसराइड के लेवल को कम करने और बैड कोलेस्ट्रॉल को घटाने में मदद कर सकता है।
फ़ाइबर का सेवन: हर कप में 3.8 ग्राम फ़ाइबर होने की वजह से, चुकंदर कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है।
ब्लड प्रेशर में मदद: चुकंदर में मौजूद नाइट्रेट, नाइट्रिक ऑक्साइड में बदल जाते हैं। यह ब्लड वेसल्स को आराम देते हैं और उन्हें चौड़ा करते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद मिलती है।
एंटीऑक्सीडेंट: चुकंदर में फ़्लेवोनोइड्स और सैपोनिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। माना जाता है कि ये कोलेस्ट्रॉल के असंतुलन को ठीक करने में मदद करते हैं।
पोषक तत्वों से भरपूर: चुकंदर में कैलोरी और फ़ैट कम होता है, इसलिए यह दिल की सेहत के लिए एक बेहतरीन सब्ज़ी है
जूस का सेवन: रोज़ाना 70 mL (लगभग 1/3 कप) चुकंदर का जूस पीने से सहनशक्ति बढ़ाने और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद मिलती है, इस पर रिसर्च की गई है। जिन लोगों को किडनी में पथरी की समस्या है, उन्हें चुकंदर का सेवन सावधानी से करना चाहिए, क्योंकि इसमें ऑक्सालेट्स की मात्रा ज़्यादा होती है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है
संपादक की पसंद