Som Pradosh Vrat 2026 Timing: सोम प्रदोष व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा, यहां जानिए प्रदोष काल की टाइमिंग शहर अनुसार
Som Pradosh Vrat 2026 Timing: सोम प्रदोष व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा, यहां जानिए प्रदोष काल की टाइमिंग शहर अनुसार
Written By: Laveena Sharma@laveena1693
Published : Mar 16, 2026 07:41 am IST,
Updated : Mar 16, 2026 07:41 am IST
Som Pradosh Vrat 2026 Timing, Aaj Ka Pradosh Kaal Samay: आज यानी 16 मार्च 2026 को सोम प्रदोष व्रत है। इस दिन भगवान शिव की पूजा प्रदोष काल में किए जाने का विधान है। चलिए जानते हैं आज प्रदोष काल कब से कब तक रहेगा। यहां आप जानेंगे शहर अनुसार प्रदोष व्रत पूजा का समय।
Image Source : PIXABAY
सोम प्रदोष व्रत पूजा समय 2026
Som Pradosh Vrat 2026 Timing, Aaj Ka Pradosh Kaal Samay: इस साल 4 सोम प्रदोष व्रत पड़ेंगे, जिसमें से पहला सोम प्रदोष व्रत आज यानी 16 मार्च 2026 को है। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। पुराणों के अनुसार इस व्रत को रखने से लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। कहते हैं एक प्रदोष व्रत करने का फल दो गायों के दान जितना होता है। इस व्रत की पूजा प्रदोष काल में की जाती है। चलिए अब जानते हैं 16 मार्च 2026 को प्रदोष काल कब से कब तक रहेगा।
सोम प्रदोष पूजा मुहूर्त 2026 (Som Pradosh Puja Muhurat 2026)
सोम प्रदोष व्रत - 16 मार्च 2026, सोमवार
प्रदोष पूजा मुहूर्त - 06:30 PM से 08:54 PM
त्रयोदशी तिथि प्रारम्भ - 16 मार्च 2026 को 09:40 AM बजे
त्रयोदशी तिथि समाप्त - 17 मार्च 2026 को 09:23 AM बजे
आज का प्रदोष काल समय (Today Pradosh Kaal Time 16 March 2026)
दिल्ली - 06:30 PM से 08:54 PM
गाजियाबाद - 06:30 PM से 08:54 PM
नोएडा - 06:30 PM से 08:54 PM
जयपुर - 06:36 PM से 09:00 PM
पटना - 05:59 PM से 08:22 PM
चंडीगढ़ - 06:31 PM से 08:55 PM
लखनऊ - 06:15 PM से 08:39 PM
दिसपुर - 05:32 PM से 07:56 PM
मुंबई - 06:48 PM से 09:12 PM
देहरादून - 06:26 PM से 08:50 PM
भोपाल - 06:30 PM से 08:53 PM
रांची - 05:58 PM से 08:22 PM
गांधीनगर - 06:49 PM से 09:12 PM
बेंगलुरु - 06:30 PM से 08:53 PM
कोलकाता - 05:46 PM से 08:10 PM
प्रदोष व्रत पूजा विधि (Pradosh Vrat Puja Vidhi)
प्रदोष व्रत में प्रदोष काल में भगवान शिव और माता पार्वती की विधि विधान पूजा की जाती है। इस दिन व्रती सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लेते हैं। फिर शिव मंदिर जाकर शिवलिंग की विधि विधान पूजा करते हैं। फिर शाम को दोबारा स्नान कर भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, अक्षत, चंदन, भांग, फूल और पंचामृत अर्पित करते हैं। इसके बाद ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करते हैं। जाप के बाद सोम प्रदोष व्रत की कथा सुनी जाती है। फिर आरती करके पूजा संपन्न की जाती है।