कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के कार्यक्रम की घोषणा के बाद चुनाव आयोग ने राज्य के लिए बड़ा ऐलान किया है। चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल सरकार के मुख्य सचिव पद से नंदिनी चक्रवर्ती को हटा दिया है और गृह सचिव पद से जगदीश प्रसाद मीणा को भी हटाया है।
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में सीनियर अधिकारियों के ट्रांसफर की घोषणा की है। दुष्यंत नारियाला (आईएएस-1993) को पश्चिम बंगाल सरकार का मुख्य सचिव और संघमित्रा घोष (आईएएस-1997) को गृह एवं पहाड़ी मामलों की प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है।
पश्चिम बंगाल में 294 विधानसभा सीटों पर चुनाव होना है। यहां 2 चरणों में विधानसभा चुनाव होंगे। पहले चरण के लिए 23 अप्रैल 2026 को वोट डाले जाएंगे और दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल 2026 को वोटिंग होगी। चुनाव के नतीजे 4 मई 2026 को आएंगे।
अगर वोटरों की संख्या की बात करें तो पश्चिम बंगाल में 28 फरवरी को रिलीज अंतिम सूची में 6.44 करोड़ वोटर हैं। फिलहाल कोर्ट का जो फैसला होगा, उसके बाद आई पूरक सूची को भी इसमें जोड़ा जाएगा। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में 7 मई 2026 को मौजूदा सरकार का कार्यकाल पूरा हो रहा है।
इस बार के चुनाव के लिए चुनाव आयोग ने खास तैयारियां की हैं। चूंकि 4 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव होने हैं, इसलिए करीब 15 लाख पोलिंग पर्सनल, साढ़े 8 लाख सुरक्षाकर्मी, पोलिंग के लिए 49 हजार माइक्रो ऑब्जर्वर्स, 1,444 ऑब्जर्वर्स, करीब 40 हजार काउंटिंग अफसर, 21 हजार सेक्टर ऑफिसर्स और काउंटिंग के लिए 15 हजार माइक्रो ऑब्जर्वर्स का इंतजाम किया गया है।
गौरतलब है कि वर्तमान में पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सीएम हैं और टीएमसी की सरकार है। चुनाव में मुख्य मुकाबला टीएमसी बनाम बीजेपी को देखने को मिल सकता है। जहां एक तरफ ममता बनर्जी टीएमसी को लगातार सरकार में बनाने के लिए मेहनत करेंगी, वहीं बीजेपी के पास ये पश्चिम बंगाल में सत्ता में आने का मौका होगा। दोनों में से जनता किस पर भरोसा करती है, ये तो चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद ही पता लग सकेगा लेकिन ये जरूर है कि पश्चिम बंगाल का चुनाव दिलचस्प होगा क्योंकि सियासी गलियारों में ममता बनाम केंद्र सरकार की लड़ाई अक्सर चर्चा में रहती है और दोनों तरफ से खूब बयानबाजी भी होती है।