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जर्मनी ने ट्रंप के होर्मुज स्ट्रेट प्लान को दिया झटका, मिशन में हिस्सा नहीं लेने के दिए संकेत

 Published : Mar 16, 2026 07:12 am IST,  Updated : Mar 16, 2026 07:22 am IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के कई देशों से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा में मदद के लिए जहाज भेजने का आग्रह किया है। ट्रंप के इस आग्रह पर जर्मनी ने प्रतिक्रिया दी है। जर्मनी ने इस मामले में बड़ा संकेत दिया है।

Strait Of Hormuz- India TV Hindi
Strait Of Hormuz Image Source : AP

बर्लिन: जर्मनी ने होर्मुज स्ट्रेट में संभावित सैन्य मिशन में भागीदारी से इनकार कर दिया है। जर्मन विदेश मंत्री जोहान वेडफुल ने ARD टेलीविजन को दिए एक इंटरव्यू में स्पष्ट संकेत दिया कि बर्लिन फिलहाल इस क्षेत्र में कोई सक्रिय सैन्य भूमिका नहीं निभाएगा। वेडफुल ने कहा, "क्या हम जल्द ही इस संघर्ष का सक्रिय हिस्सा बनेंगे? नहीं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षा केवल बातचीत और कूटनीतिक समाधान से ही सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने यूरोपीय संघ के मौजूदा नौसैनिक मिशन 'ऑपरेशन एस्पाइड्स' का जिक्र करते हुए इसकी प्रभावशीलता पर भी सवाल उठाए और इसे होर्मुज तक विस्तार करने पर संदेह जताया।

क्या बोले जर्मन विदेश मंत्री?

ऑपरेशन एस्पाइड्स फरवरी 2024 में शुरू किया गया था, जिसका मकसद लाल सागर में यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा व्यावसायिक जहाजों पर हमलों से सुरक्षा प्रदान करना था। यह मिशन रक्षात्मक ढांचे में काम करता है और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत संचालित होता है। हालांकि, वेडफुल ने ARD को बताया कि यह मिशन अपने वर्तमान क्षेत्र में भी प्रभावी साबित नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, "यह पूरी तरह से स्पष्ट है कि जब समुद्री मार्गों को सुरक्षित करने की बात आती है तो यूरोप हमेशा रचनात्मक सहयोग देता है, लेकिन मुझे ना तो अभी इसकी कोई तत्काल आवश्यकता दिखती है और ना ही, सबसे बढ़कर, जर्मनी के इसमें हिस्सा लेने की कोई गुंजाइश।"

मध्य पूर्व में बेकाबू हैं हालात

जर्मनी का यह बयान ऐसे समय आया है जब मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है। ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के कारण होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20-30 प्रतिशत हिस्सा संभालता है। अमेरिका और इजराइल ने संयुक्त सैन्य अभियान के तहत ईरान के सैन्य क्षमताओं, खासकर परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को निशाना बनाया है, लेकिन जर्मनी ने इस तरह की सैन्य कार्रवाई से दूरी बनाई है।

 

ट्रंप ने क्या कहा?

इस बीच यहां बता दें कि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने करीब सात ऐसे देशों से मांग की है, जो मध्य-पूर्व के तेल पर बहुत अधिक निर्भर हैं, वो होर्मुज स्ट्रेट की निगरानी के लिए बने गठबंधन में शामिल हों। ट्रंप ने कहा, "मैं मांग कर रहा हूं कि देश आगे आएं और अपने ही इलाके की सुरक्षा करें, क्योंकि यह उनका अपना इलाका है।" उन्होंने दावा किया कि यह महत्वपूर्ण जहाजरानी मार्ग अमेरिका के लिए उतना जरूरी नहीं है, क्योंकि उसके पास तेल के अपने स्रोत मौजूद हैं।

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