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हिजबुल्लाह ने इजरायल के खिलाफ जंग में उतार दिया घातक हथियार, इनका पता लगाना है मुश्किल काम

 Published : Apr 30, 2026 04:20 pm IST,  Updated : Apr 30, 2026 04:20 pm IST

हिजबुल्लाह ने इजरायल के खिलाफ जंग में घातक हथियार उतार दिया है। यह हथियार छोटा होने के साथ-साथ बेहद खतरनाक भी है। बड़ी बात यह है कि इसका पता लगा पाना बेहद मुश्किल है।

Fiber-Optic Drone- India TV Hindi
Fiber-Optic Drone Image Source : AP

तेल अवीव: हिजबुल्लाह ने इजराइली सैनिकों के खिलाफ जंग में एक नए और बेहद खतरनाक हथियार का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। यह हथियार है छोटे आकार के फाइबर-ऑप्टिक नियंत्रित ड्रोन। इन ड्रोनों को एक अत्यंत पतली फाइबर-ऑप्टिक तार के जरिए ऑपरेटर द्वारा नियंत्रित किया जाता है, जिसके कारण ये आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और जामिंग सिस्टम से बच निकलते हैं। यूक्रेन युद्ध में व्यापक रूप से इस्तेमाल हो रहे इन छोटे ड्रोनों का आकार बहुत ही कॉम्पैक्ट है, जिसकी वजह से इन्हें रडार या अन्य पारंपरिक वायु रक्षा प्रणालियों से पहचानना बेहद मुश्किल हो जाता है। 

आम ड्रोन से अलग है ये हथियार

आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले अधिकांश ड्रोन रेडियो फ्रीक्वेंसी या वायरलेस सिग्नल पर निर्भर होते हैं। ऐसे ड्रोनों को इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग की तकनीक से आसानी से रोका जा सकता है। जैमिंग के प्रभाव से ड्रोन या तो क्रैश हो जाता है या अपने मूल स्थान पर लौटने लगता है। लेकिन फाइबर-ऑप्टिक ड्रोन इस समस्या से पूरी तरह मुक्त हैं। इनमें कोई वायरलेस सिग्नल नहीं होता। इसके बजाय, ड्रोन और ऑपरेटर के बीच एक अत्यंत पतली और लगभग अदृश्य फाइबर-ऑप्टिक केबल जुड़ी होती है, जिसके माध्यम से सीधा और स्थिर नियंत्रण संभव होता है। 

घातक साबित हो सकते हैं ड्रोन

लंदन स्थित प्रतिष्ठित थिंक टैंक ‘रॉयल यूनाइटेड सर्विसेज इंस्टीट्यूट’ (RUSI) के ड्रोन विशेषज्ञ रॉबर्ट टोलस्ट ने इन ड्रोनों की घातकता पर प्रकाश डालते हुए कहा, “अगर ऑपरेटर को अपनी तकनीक का सही ज्ञान है, तो ये ड्रोन बिल्कुल घातक साबित होते हैं। ये कम ऊंचाई पर उड़कर लक्ष्य के बहुत करीब तक पहुंच सकते हैं और अचानक हमला कर सकते हैं।” 

इनसे निपटना आसान नहीं

विशेषज्ञों का मानना है कि इन फाइबर-ऑप्टिक ड्रोनों से निपटना मौजूदा वायु सुरक्षा प्रणालियों के लिए बड़ी चुनौती है। या तो ड्रोन को उड़ान में ही मार गिराना होगा, या फिर उसकी पतली फाइबर तार को काटने का कोई प्रभावी तरीका ढूंढना होगा। लेकिन इन ड्रोनों का छोटा आकार, कम उड़ान मार्ग और फाइबर तार की लगभग अदृश्य प्रकृति के कारण दोनों ही काम बेहद कठिन हैं। ईरान समर्थित लेबनानी आतंकी संगठन हिजबुल्लाह इन ड्रोनों का इस्तेमाल मुख्य रूप से इजरायली सैनिकों पर हमले के लिए कर रहा है।

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