Chandra Gochar: चंद्रमा का गोचर 30 अप्रैल को दोपहर 1 बचकर 14 मिनट पर हो चुका है। चंद्रमा ने तुला राशि में प्रवेश किया है जोकि शुक्र की राशि है। शुक्र और चंद्रमा को ज्योतिष में एक दूसरे का शत्रु माना जाता है। इसलिए चंद्रमा का यह गोचर कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकता है और मई की शुरुआत में इन राशियों को सतर्क रहना होगा। आज हम आपको इन्हीं राशियों के बारे में जानकारी देंगे।
वृषभ राशि
चंद्रमा का गोचर आपकी राशि से छठे भाव में होगा। यह भाव शत्रुओं का कारक माना जाता है। इसलिए वृषभ राशि के जातकों को कार्यस्थल पर बेहद सतर्क रहना होगा आपके विरोधी आपका काम बिगाड़ने कोशिश कर सकते हैं। सामाजिक स्तर पर आपको वार्तालाप सोच-समझकर करना चाहिए। विद्यार्थियों को शिक्षा क्षेत्र में अच्छे परिणाम प्राप्त करने के लिए एकाग्रता पर काम करने की आवश्यकता होगी।
वृश्चिक राशि
चंद्रमा का गोचर आपकी राशि से द्वादश भाव में होगा। यह भाव व्यय और हानि का कारक माना जाता है। इस भाव में चंद्रमा के होने से आर्थिक पक्ष डगमगा सकता है। सही बजट बनाकर आपको आगे बढ़ना होगा। कुछ लोगों को अनिद्रा की दिक्कत भी हो सकती है, इसलिए सेहत का ख्याल रखें। हालांकि विदेशों से जुड़े कारोबार से आपको लाभ मिलने की संभावना है।
मीन राशि
चंद्रमा का गोचर आपकी राशि से अष्टम भाव में होगा। यह भाव अनिश्चितताओं का कारक माना जाता है। इस भाव में चंद्रमा के होने से रिश्तों में कड़वाहट आ सकती है। घर के लोगों के साथ आपके वाद-विवाद हो सकते हैं। धन का निवेश आपको सोच-समझकर करना होगा। किसी पर भी आवश्यकता से अधिक विश्वास करना आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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