ज्योतिष शास्त्र में गुरु के अस्त होने को एक महत्वपूर्ण ग्रह परिवर्तन माना जाता है, जिसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ता है। इस दौरान सूर्य के अत्यधिक निकट होने की वजह से गुरु का प्रभाव कमजोर माना जाता है। मान्यता है कि इस अवधि में मांगलिक कार्य शुभ नहीं किए जाते। हालांकि, कुछ राशियों के लिए यह समय शुभ साबित होता है। करियर, आर्थिक स्थिति, पारिवारिक जीवन और भाग्य के लिहाज से सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है। जानिए इस दौरान किन राशियों की मौज रहने वाली है।
ज्योतिष में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, भाग्य, धन और समृद्धि का कारक ग्रह माना जाता है। गुरु ग्रह 14 जुलाई से अस्त होने जा रहे हैं और यह स्थिति 12 अगस्त तक बनी रहेगी। गुरु सूर्य के बेहद करीब रहने के कारण अस्त रहेंगे। मान्यता है कि इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश और मुंडन जैसे मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त नहीं निकाले जाते।
मेष राशि
यह समय इन जातकों के लिए कई मामलों में अनुकूल रह सकता है। करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं और शिक्षा से जुड़े लोगों को भी अच्छे परिणाम मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होने और लंबे समय से अटका धन मिलने के संकेत हैं। व्यापार करने वालों को नई साझेदारी या लाभदायक सौदे मिल सकते हैं। आय के नए स्रोत बनने के साथ रुके हुए काम भी गति पकड़ सकते हैं।
धनु राशि
गुरु का अस्त होना धनु राशि वालों के लिए कई मामलों में राहत देने वाला साबित हो सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्य धीरे-धीरे पूरे होने लगेंगे। पैतृक संपत्ति, विरासत, बीमा या टैक्स से जुड़े मामलों में सकारात्मक प्रगति देखने को मिल सकती है। विवाह योग्य लोगों के लिए अच्छे रिश्ते आने के योग हैं। वहीं नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने से करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। इस दौरान आपकी आध्यात्मिक रुचि भी बढ़ सकती है।
कर्क राशि
यह अवधि कर्क राशि के जातकों के लिए शुभ मानी जा रही है, जो आपके आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता को मजबूत कर सकती है। विदेश यात्रा या विदेशी कंपनियों से जुड़े कार्यों में सफलता मिलने की संभावना है। नौकरी करने वालों को अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है, जिससे नई जिम्मेदारियां और प्रमोशन के अवसर बन सकते हैं। संतान से जुड़ी कोई सुखद खबर मिल सकती है और करियर में नई संभावनाओं के रास्ते खुल सकते हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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