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सावन शिवरात्रि 2026 Live: जल चढ़ाने का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, कथा और मंत्र...सबकुछ यहां देखें

 Written By: Laveena Sharma
 Updated : Aug 11, 2026 10:41 am IST

आज 11 अगस्त 2026 को सावन शिवरात्रि का पावन पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन शिव भक्त शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं। यहां आप जानेंगे जल चढ़ाने का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र, कथा, आरती समेत सारी महत्वपूर्ण जानकारी।

sawan shivratri- India TV Hindi
सावन शिवरात्रि 2026 Image Source : INDIA TV

सावन शिवरात्रि 2026 श्रावण मास का एक महत्वपूर्ण त्योहार है। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखते हैं और भगवान शिव की विधि विधान पूजा करते हैं। पंचांग अनुसार शिवरात्रि का पावन पर्व श्रावण कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। आज ये तिथि देर रात 1 बजकर 52 मिनट तक रहेगी। इस दिन मंदिरों और शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। हर हर महादेव के जयकारे के साथ भक्त शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए मंदिरों में पहुंचते हैं। धार्मिक मान्यताओं अनुसार शिवरात्रि पर शिवलिंग का जलाभिषेक करना अत्यंत ही पुण्यदायी माना जाता है। इसी कारण से ज्यादातर कावड़िए भी कावड़ जल इसी दिन चढ़ाते हैं। बता दें भक्तों को सावन शिवरात्रि पर पूरे दिन जलाभिषेक का अवसर मिल रहा है।

सावन शिवरात्रि पर जल चढ़ाने का शुभ मुहूर्त 2026

सावन शिवरात्रि पर यानी 11 अगस्त 2026 को जल चढ़ाने का मुहूर्त पूरे दिन रहेगा। लेकिन अगर आप कुछ खास मुहूर्तों में जलाभिषेक करना चाहते हैं तो वो इस प्रकार रहेंगे:

  • जल चढ़ाने का पहला शुभ मुहूर्त - सुबह 6 से 10 बजे तक
  • जल चढ़ाने का दूसरा शुभ मुहूर्त - दोपहर 12:00 से 12:53 बजे तक
  • जल चढ़ाने का तीसरा शुभ मुहूर्त - शाम 07:04 से रात 9:00 बजे तक 
  • जल चढ़ाने का चौथा शुभ मुहूर्त - रात 12:05 से 12:48 बजे तक

शिवरात्रि पूजा मुहूर्त 2026 

वैसे तो सावन शिवरात्रि पर आप सुबह और शाम में किसी भी समय भगवान शिव की पूजा कर सकते हैं। लेकिन शिवरात्रि की पूजा के लिए निशिता काल को सबसे अच्छा माना जाता है। कहते हैं इस मुहूर्त की गई भगवान शिव की पूजा कभी निष्फल नहीं होती है। बता दें 11 अगस्त को निशिता काल रात 12 बजकर 5 मिनट से देर रात 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। 

सावन शिवरात्रि चार प्रहर पूजा का समय 2026

  • पहला प्रहर - शाम 7:06- रात 9:45 (11 अगस्त)
  • दूसरा प्रहर - रात 9:45- 12:45 (11 अगस्त)
  • तीसरा प्रहर - रात 12:26- 3:07 (12 अगस्त)
  • चौथा प्रहर - देर रात 3:04 – 5:49 (12 अगस्त)

सावन शिवरात्रि पर शिवलिंग पर क्या-क्या चढ़ाएं

सावन शिवरात्रि पर शिवलिंग पर शुद्ध जल, गंगाजल, कच्चा दूध, दही, घी, शहद और शक्कर चढ़ाएं। इसके साथ ही बेलपत्र, धतूरा, भांग, शमी पत्र, आक के फूल और सफेद चंदन अर्पित करें। 

सावन शिवरात्रि 2026 पूजा विधि 

  • शिवलिंग का जल, गंगाजल, दूध, दही, घी और शहद से विधि-विधान से अभिषेक करें। 
  • अभिषेक करने के बाद शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, भस्म, भांग, सफेद पुष्प और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करें। 
  • पूजा के दौरान आप “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का मन ही मन जाप करते रहें।
  • यदि संभव हो, तो रात्रि के चारों प्रहर में भगवान शिव की पूजा करें।
  • अगर व्रत रखा है तो सावन शिवरात्रि की कथा जरूर सुनें।
  • अंत में भगवान शिव की आरती करें और भोग लगाएं। 

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Sawan Shivratri 2026 Live: जल चढ़ाने का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, कथा और मंत्र...सबकुछ यहां देखें

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  • 10:22 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    सावन शिवरात्रि 2026 पर बनेंगे दुर्लभ संयोग

    सावन शिवरात्रि 2026 पर बहुत शुभ माने जाने वाले सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है और साथ ही, इस अवसर पर पुनर्वसु नक्षत्र भी पड़ रहा है। बता दें कि इस तिथि पर सिद्धि योग पूरे दिन रहेगा, यानी कि श्रावण शिवरात्रि पर सिद्धि योग शाम 06 बजकर 51 मिनट तक रहेगा। इसके बाद, व्यतीपात का आरंभ हो जाएगा। साथ ही, इस मासिक शिवरात्रि के दिन पुनर्वसु नक्षत्र सुबह 10 बजकर 10 मिनट तक रहेगा। इसके उपरांत पुष्य नक्षत्र शुरू हो जाएगा। बता दें सिद्धि योग के दौरान किए गए हर कार्य में सफलता की प्राप्ति होती है। 

  • 9:36 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    शिवरात्रि पर शिवलिंग पर क्या-क्या चढ़ाएं?

    • जल, गंगाजल, कच्चा दूध, दही, घी, शहद, शक्कर (पंचामृत)
    • बेलपत्र, धतूरा, भांग, आक के फूल
    • सफेद चंदन, अक्षत और भस्म 
    • इत्र

     

  • 9:00 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    सावन शिवरात्रि और महाशिवरात्रि में अंतर?

    सावन शिवरात्रि और महाशिवरात्रि दोनों ही भगवान शिव की पूजा का बड़ा पर्व माना जाता है। सावन शिवरात्रि पर कांवड़िए गंगाजल चढ़ाते हैं। ये पर्व इसलिए खास है क्योंकि ये शिवरात्रि भगवान शिव के प्रिय महीने सावन में पड़ती है। वहीं महाशिवरात्रि फाल्गुन मास में आती है, जिसे शिव-पार्वती के विवाह का दिन माना जाता है। इसी कारण से ये साल की सबसे महत्वपूर्ण एकादशी मानी जाती है।

     

  • 8:38 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    सावन शिवरात्रि व्रत में क्या-क्या खा सकते हैं?

    सावन शिवरात्रि के व्रत में आप फलाहार चीजें खा सकते हैं। जैसे फल, दूध, दही, मखाना, ड्राई फ्रूट्स, साबूदाना, कुट्टू या सिंघाड़े के आटे से बनी चीजें और उबले आलू का सेवन किया जा सकता है। आप चाय और कॉफी भी पी सकते हैं। साथ ही सेंधा नमक का इस्तेमाल कर सकते हैं।

  • 8:08 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Sawan Shivratri Vrat katha: सावन शिवरात्रि व्रत कथा

    सावन शिवरात्रि की व्रत कथा इस प्रकार है; प्राचीन समय में एक चित्रभानु नाम का शिकारी था, जो जंगल में शिकार करके अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। उसने एक साहूकार से कर्ज ले रखा था जिसे न चुका पाने के कारण साहूकार ने उसे बंदी बना लिया था। जिस दिन उसे बंदी बनाया गया था उसी दिन शिवरात्रि का पर्व था। बंदीगृह में रहते हुए ही उस शिकारी ने शिवरात्रि व्रत और भगवान शिव की महिमा से जुड़ी बातें सुनीं। संध्या को साहूकार ने उससे फिर ऋण का हिसाब मांगा, तो शिकारी ने कहा कि वह अगली सुबह उसका कर्ज चुका देगा। यह सुन साहूकार ने उसे जाने दिया। पूरी कथा पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

  • 7:57 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Sawan Shivratri 2026: सावन शिवरात्रि के दिन क्या करें और क्या नहीं?

    • सावन शिवरात्रि व्रत के दिन नमक, तामसिक भोजन या लहसुन-प्याज का सेवन न करें।
    • व्रत के दौरान वाद-विवाद से बचें।
    • शिवजी की पूजा में कुमकुम, सिंदूर, केतकी और चंपा के फूल, तुलसी और हल्दी आदि का प्रयोग न करें।
    • शिवलिंग पर नारियल का पानी नहीं चढ़ाएं।
  • 7:39 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Sawan Shivratri Puja Samagri: सावन शिवरात्रि पूजा सामग्री

    सावन शिवरात्रि की पूजा के लिए एक लोटा जल, गंगाजल, पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर), बेलपत्र, धतूरा, भांग, चंदन, रोली, अक्षत (साबुत चावल), मौली, जनेऊ, धूप, आक के फूल, शमी पत्र, दीप, कपूर, इत्र, फल और मिठाई की आवश्यकता होती है

     

  • 7:19 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    सावन शिवरात्रि क्यों मनाई जाती है?

    जैसा कि सभी जानते हैं कि सावन का पूरा महीना भगवान शिव को समर्पित है, इसी वजह से इस महीने में आने वाले भगवान शिव से जुड़े त्योहार ओर भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाते हैं। मान्यता है कि सावन मास में ही समुद्र मंथन हुआ था और सृष्टि की रक्षा के लिए शिव जी ने विष पिया था। उनके शरीर की गर्मी शांत करने के लिए देवी-देवताओं ने उन पर जल चढ़ाया था। कहते हैं तभी से जलाभिषेक की परंपरा शुरू हुई और भक्त विशेष रूप से सावन शिवरात्रि पर तो जल जरूर ही चढ़ाते हैं। 

  • 7:04 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    सावन शिवरात्रि पर जलाभिषेक का समय

    सावन शिवरात्रि के शुभ दिन पर कावड़िये भी कावड़ जल से शिवलिंग का अभिषेक करते हैं। 11 अगस्त 2026 को सावन शिवरात्रि पर जलाभिषेक के लिए सुबह 4 बजकर 54 मिनट से देर रात 1 बजकर 52 मिनट तक का समय बहुत शुभ है। 

  • 7:03 AM (IST)
    Posted by Laveena Sharma

    Sawan Shivratri 2026 Live: सावन शिवरात्रि का महत्व

    वैसे तो पूरे साल में कुल 12 शिवरात्रि पड़ती है। लेकिन फाल्गुन मास की महाशिवरात्रि और श्रावण मास की सावन शिवरात्रि को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। सावन भगवान शिव का सबसे प्रिय है, जिस कारण से इस महीने में आने वाली शिवरात्रि का महत्व बढ़ जाता है। इस दिन शिवभक्त व्रत रखकर पूजा-पाठ करते हैं और शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं। सावन शिवरात्रि पर चार प्रहर पूजा का महत्व होता है। 

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