सिंगापुर से आज ज़ब रोहिणी आचार्य पटना एयरपोर्ट पहुंची तो उसे रिसीव करने के लिए खुद राजद सुप्रीमो लालू यादव, राबड़ी देवी और मीसा भारती एयरपोर्ट पहुंची थे। तेजस्वी यादव से विवाद के बाद ज़ब कभी रोहिणी पटना आई हैं तो पहले ऐसा कभी देखने को नहीं मिला कि परिवार के लोग उसे रिसीव करने या छोड़ने भी आये हों। कुछ कार्यकर्ता जरूर रिसीव करने आते थे लेकिन परिवार से कोई नहीं आता था। वहीं, आज काफी कुछ अलग नजारा दिखा।
बेटी ने पैर छूकर लिया आशीर्वाद, भावुक हुए लालू-राबड़ी
कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या के साथ-साथ खुद लालू, राबड़ी और मीसा रोहिणी को रिसीव करने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे थे। मीसा रोहिणी को रिसीव करने एयरपोर्ट के अंदर गई जबकि लालू और राबड़ी गाड़ी में बैठकर ही बेटी के बाहर आने का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही रोहिणी बाहर आई तो तो सबसे पहले उसने पिता लालू यादव को और फिर मां राबड़ी देवी को पैर छूकर प्रणाम किया व गले लगाया। इस दौरान लालू और राबड़ी के साथ-साथ रोहिणी भी काफी भावुक दिखीं।

'मैं अपने मां-बाप से मिलने आई हूं'
हालांकि मीसा भारती से ज़ब इस बारे मे पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जब कोई आता है तो पूरा परिवार उसको लाने एयरपोर्ट जाता है। वहीं, रोहिणी आचार्य ने कहा, ''यह बहुत ही निजी कार्यक्रम है, मैं अपने मां-बाप से मिलने आई हूं, इसको राजनीति का रंग मत दीजिए। सारे भाई लोग आए हुए हैं देखिए।'' वहीं, तेजस्वी यादव से नारागजी दूर होने के इस सवाल पर रोहिणी ने कुछ नहीं कहा।
'पापा, उनकी खुशी और उनके आशीर्वाद से बढ़कर कुछ भी नहीं'
इससे पहले रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पोस्ट में पारिवारिक मतभेद को भूलकर पिता के पास आने की बात कही थी। रोहिणी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा था, ''मेरे लिए मेरे पापा, उनकी खुशी और उनके आशीर्वाद से बढ़कर कुछ भी नहीं। उनके बुलावे से बढ़कर कोई आदेश नहीं, इसलिए जल्द ही आ रही हूं, अपने पापा के पास, एक बेटी होने का फर्ज निभाने।''
पिछले साल नवंबर 2025 रोहिणी आचार्य ने परिवार और राजनीति से दूरी बनाने की घोषणा की थी। पारिवारिक विवाद के बाद रोहिणी पटना से चली गई थीं। तब उन्होंने X पर लिखा था कि वो राजनीति छोड़ रही हैं और परिवार से खुद को अलग कर रही हैं।
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