2 अक्टूबर को आश्विन कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि और शुक्रवार का दिन है। षष्ठी तिथि शुक्रवार को सुबह 10 बजकर 16 मिनट तक रहेगी, उसके बाद सप्तमी तिथि लग जाएगी। इसके अलावा 2 अक्टूबर को सप्तमी तिथि वालों का श्राद्ध किया जायेगा। शुक्रवार को शाम 6 बजकर 18 मिनट तक व्यतिपात योग रहेगा। इस योग के दौरान कोई भी नया काम शुरू करना अच्छा नहीं मान जाता है। साथ ही इस योग के दौरान अगर आप किसी का भला करना भी चाहेंगे तो उसकी नजर में आप-ही बुरा बनते हैं। साथ ही 2 अक्टूबर को देर रात 2 बजकर 55 मिनट तक मृगशिरा नक्षत्र रहेगा। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए शुक्रवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।
2 अक्टूबर 2026 का पंचांग
- आश्विन कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि - 2 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 बजकर 16 मिनट तक रहेगी, उसके बाद सप्तमी तिथि लग जाएगी
- व्यतिपात योग- 2 अक्टूबर को शाम 6 बजकर 18 मिनट तक
- मृगशिरा नक्षत्र- 2 अक्टूबर को देर रात 2 बजकर 55 मिनट तक
- 2 अक्टूबर 2026 विशेष- सप्तमी तिथि वालों का श्राद्ध किया जायेगा
2 अक्टूबर 2026 सप्तमी श्राद्ध मुहूर्त
- कुतुप मुहूर्त- 12:04 पी एम से 12:52 पी एम
- रौहिण मुहूर्त- 12:52 पी एम से 01:39 पी एम
- अपराह्न काल- 01:39 पी एम से 04:03 पी एम
2 अक्टूबर 2026 का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त- 04:53 ए एम से 05:41 ए एम
- प्रातः संध्या- 05:17 ए एम से 06:29 ए एम
- अभिजित मुहूर्त- 12:04 पी एम से 12:52 पी एम
- विजय मुहूर्त- 02:27 पी एम से 03:15 पी एम
- गोधूलि मुहूर्त- 06:26 पी एम से 06:50 पी एम
- सायाह्न संध्या- 06:26 पी एम से 07:38 पी एम
- अमृत काल- 06:40 पी एम से 08:10 पी एम
राहुकाल का समय
- दिल्ली- सुबह 10:41 से दोपहर 12:10 तक
- मुंबई- सुबह 10:58 से दोपहर 12:28 तक
- चंडीगढ़- सुबह 10:43 से दोपहर 12:12 तक
- लखनऊ- सुबह 10:27 से दोपहर पहले 11:56 तक
- भोपाल- सुबह 10:40 से दोपहर 12:09 तक
- कोलकाता- सुबह 09:56 से दोपहर पहले 11:26 तक
- अहमदाबाद- सुबह 10:59 से दोपहर 12:29 तक
- चेन्नई- सुबह 10:28 से दोपहर पहले 11:58 तक
सूर्योदय-सूर्यास्त का समय
- सूर्योदय- सुबह 06:14 बजे
- सूर्यास्त- शाम 06:05 बजे
सप्तमी तिथि श्राद्ध
शुक्रवार के दिन दोपहर के समय सप्तमी तिथि वालों का श्राद्ध किया जायेगा। इस दिन उन लोगों को श्राद्ध किया जायेगा, जिनका स्वर्गवास किसी भी महीने के कृष्ण या शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को हुआ हो। इस दिन श्राद्ध करने वाले व्यक्ति को महान यज्ञों के बराबर पुण्यफल मिलता है और वह श्रेष्ठ विचारों का धनी होता है। बता दें कि पितृ पक्ष में पितरों का श्राद्ध करने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं और उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है।
(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)
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