वैदिक ज्योतिष में शनि को कर्मफल दाता और न्याय का देवता माना जाता है। शनि की चाल में होने वाला बदलाव सभी राशियों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। अक्टूबर 2026 में भी शनि मीन राशि में वक्री अवस्था में रहेंगे। इस दौरान 3 राशि के जातकों को धन, करियर और पारिवारिक मामलों में विशेष सावधानी बरतनी पड़ सकती है। जानिए कौन-सी हैं ये राशियां और किन मामलों में इन्हें सतर्कता बरतने की जरूरत हो सकती है। वहीं, बुध की वक्री चाल से कुछ राशियों के लिए चुनौतियां बढ़ सकती हैं।
कब तक वक्री रहेंगे शनि?
ज्योतिष गणना के अनुसार, शनि 26 जुलाई 2026 को वक्री हुए थे और 11 दिसंबर 2026 को मार्गी होंगे। इस तरह करीब 138 दिनों तक शनि वक्री अवस्था में रहेंगे। इसलिए अक्टूबर का पूरा महीना भी शनि की वक्री चाल के प्रभाव में रहेगा। ज्योतिष में वक्री गति का अर्थ है कि कोई ग्रह पृथ्वी से देखने पर पीछे की ओर बढ़ता हुआ दिखाई देता है।
सिंह राशि
इन जातकों को अक्टूबर में स्वास्थ्य और महत्वपूर्ण फैसलों को लेकर सतर्क रहना होगा। जल्दबाजी में बड़ा आर्थिक निर्णय लेने से बचें। परिवार में किसी बात को लेकर विवाद हो सकता है, इसलिए बातचीत के दौरान धैर्य बनाए रखें। नौकरी में कुछ परेशानियां सामने आ सकती हैं, ऐसे में संयम से काम लेना बेहतर रहेगा।
मकर राशि
मकर राशि के स्वामी स्वयं शनि ग्रह हैं। ऐसे में इस अवधि में आर्थिक मामलों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत हो सकती है। पुराने कर्ज और निवेश से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें। बढ़ते खर्च से बजट प्रभावित हो सकता है। कार्य स्थल पर मेहनत के बावजूद मनचाहा परिणाम मिलने में देरी संभव है।
कर्क राशि
कर्क राशि वालों को रिश्तों और करियर से जुड़े मामलों में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। अचानक मिलने वाले धन से जुड़े फैसले जल्दबाजी में न लें। परिवार में क्रोध करने से बचें और अपना आत्मविश्वास बनाए रखें। किसी करीबी की नाराजगी भी मानसिक परेशानी का कारण बन सकती है।
शनि के लिए करें ये उपाय
शनि की वक्री चाल के दौरान शनिवार और मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करना लाभकारी माना जाता है। शनिवार को तिल का तेल, काली उड़द, काले वस्त्र और जौ का दान करें। जरूरतमंद लोगों की निस्वार्थ भाव से सेवा करें। इसके अलावा शनिवार और मंगलवार को हनुमान जी की पूजा करें। शनिदेव के बीज मंत्र का जाप और शनि स्तोत्र का पाठ करना भी शुभकारी माना गया है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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