यूनिवर्स ब्रेसलेट आज के समय में बहुत से लोग पहनने लगे हैं। यह ब्रेसलेट हीलिंग स्टोन्स और क्रिस्टल की मदद से बनाया जाता है। हालांकि ज्यादातर लोग इसे बस एक आभूषण की तरह धारण करते हैं लेकिन ज्योतिष के अनुसार इसे सही विधि और नियमों के साथ धारण करने से कई शुभ परिणाम आपको मिल सकते हैं। ऐसे में आज हम आपको बताने वाले हैं यूनिवर्स ब्रेसलेट पहनने के नियम और लाभ।
कैसे धारण करें यूनिवर्स ब्रेसलेट
- यनिवर्स ब्रेसलेट को लेने के बाद सबसे पहले आपको इसे गंगाजल से शुद्ध करना चाहिए इसके साथ ही सृष्टि की प्रथम ध्वनि यानि 'ॐ' का कम से कम 11 बार आपको उच्चारण करना चाहिए। इसके बाद इसे आप हाथ में धारण कर सकते हैं।
- इसे दोनों ही हाथों में पहना जा सकता है लेकिन पता बस ये होना चाहिए कि उद्देश्य क्या है। अगर आप ऊर्जा ग्रहण करने के लिए इसे पहन रहे हैं तो बाएं हाथ में पहनें वहीं आप सुरक्षा प्राप्ति के लिए इसे धारण कर रहे हैं तो दाहिने हाथ में पहनें।
- इस ब्रेसलेट को पहनने के बाद समय समय पर आपको इसे चार्ज करना चाहिए। जैसे चांदनी में सुबह धूप की किरणों में ऐसा करने से इसकी ऊर्जा और भी बढ़ जाती है। जितना अधिक इसकी ऊर्जा बढ़ेगी उतने ही अधिक शुभ परिणाम आपको प्राप्त हो सकते हैं।
- मांस-मदिरा का सेवन करते समय, सोते समय और नहाते वक्त इसे आपको उतार देना चाहिए। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि आपके अलावा कोई दूसरा व्यक्ति इसे छूए ना। अगर दूसरे लोग इसे होते हैं तो ब्रेसलेट की ऊर्जा नकारात्मक रूप से प्रभावित हो सकती है।
यूनिवर्स ब्रेसलेट पहनने के लाभ
- इस ब्रेसलेट को धारण करने से आपके सात चक्र संतुलित होते हैं। चक्रों के संतुलन से मानसिक और शारीरिक रूप से आप स्वस्थ होने लगते हैं।
- इस ब्रेसलेट के शुभ प्रभाव से कम सोकर भी आपमें पर्याप्त मात्रा में ऊर्जा बनी रहती है। वहीं इसे धारण करने से नकारात्मक ऊर्जा आपके आसपास नहीं फटकती।
- धन-धान्य की प्राप्ति यह ब्रेसलेट पहनकर आपको प्राप्त हो सकती है। साथ ही सामाजिक स्तर पर मान सम्मान भी आपको मिल सकता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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