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FIEO निर्यात के क्षेत्र में प्रवेश के लिए किसानों, स्टार्टअप, कारीगरों की मदद करेगा

निर्यातकों के प्रमुख संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (फियो) ने शनिवार को कहा कि वह स्टार्टअप, कारीगरों और किसानों को निर्यात के क्षेत्र में प्रवेश में मदद करेगा।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Published on: August 07, 2021 19:39 IST
FIEO निर्यात के क्षेत्र में प्रवेश के लिए किसानों, स्टार्टअप, कारीगरों की मदद करेगा- India TV Paisa
Photo:FIEO

FIEO निर्यात के क्षेत्र में प्रवेश के लिए किसानों, स्टार्टअप, कारीगरों की मदद करेगा

नई दिल्ली: निर्यातकों के प्रमुख संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (फियो) ने शनिवार को कहा कि वह स्टार्टअप, कारीगरों और किसानों को निर्यात के क्षेत्र में प्रवेश में मदद करेगा। फियो ने कहा कि वह प्रवासी भारतीयों से संपर्क कर देश के निर्यात को बढ़ाने में सहयोग मांगेगा। फियो ने कहा कि सरकार के समर्थन से चालू वित्त वर्ष के दौरान 400 अरब डॉलर के निर्यात लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी। 

फियो के अध्यक्ष ए शक्तिवेल ने कहा, ‘‘निर्यातकों द्वारा स्टार्टअप, कारीगरों और किसानों को निर्यात के क्षेत्र में प्रवेश करने के लिए पारस्परिक रूप से लाभप्रद संबंध बनाने सहयोग दिया जाएगा।’’ रत्न और आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) ने कहा कि उसने वर्ष 2021-22 में इस क्षेत्र के निर्यात को 44 अरब डॉलर तक बढ़ाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। जीजेईपीसी के अध्यक्ष कॉलिन शाह ने कहा कि यह क्षेत्र 400 अरब डॉलर के लक्ष्य को हासिल करने में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए काम करेगा। 

शाह ने कहा, ‘‘अमेरिका और यूरोप सहित कई निर्यात गंतव्यों में तेजी से सुधार हो रहा है। हमारे पास एक जबर्दस्त स्थानीय नेटवर्क है, और यह हमारी अर्थव्यवस्था के लाभ के लिए इन संभावनाओं के दोहन करने का यह अच्छा मौका है।’’ उन्होंने कहा कि परिषद ने सरकार से नीतिगत सुधार लाने की अपील की है जो इस क्षेत्र को वैश्विक मोर्चे पर प्रतिस्पर्धी बनाएगी। 

उन्होंने कहा, ‘‘हमने उनसे व्यापार सुगमता को आगे बढ़ाने, बैंकों के माध्यम से पर्याप्त वित्तीय सहायता प्रदान करने, कराधान और एसईजेड नीतियों को युक्तिसंगत बनाने के लिए अनुरोध किया है ताकि इस क्षेत्र को दुनियाभर में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और विनिर्माण आउटसोर्सिंग का केंद्र बनाया जा सके। यह समर्थन भारत को चीन, थाइलैंड, वियतनाम और तुर्की जैसे हमारे प्रतिस्पर्धियों की बराबरी करने में मदद करेगा।

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