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Budget 2024: वित्त मंत्री के साथ फाइनेंशियल सेक्टर के एक्सपर्ट ​की हुई बैठक, इन मुद्दे पर दिए सुझाव

Edited By: Alok Kumar @alocksone Published : Jun 20, 2024 04:04 pm IST, Updated : Jun 20, 2024 04:04 pm IST

वित्त वर्ष 2024-25 का पूर्ण बजट अगले महीने संसद में पेश किये जाने की उम्मीद है। वित्त मंत्री के साथ दो घंटे की बैठक के बाद मॉर्गन स्टेनली इंडिया कंपनी के प्रबंध निदेशक और क्षेत्रीय प्रमुख (कंट्री हेड) अरुण कोहली ने कहा कि टैक्स नीतियों को स्थिर और दीर्घकालिक बनाये जाने की जरूरत है।

Budget 2024- India TV Paisa
Photo:FILE बजट 2024

फाइनेंस और शेयर बाजार के एक्सपर्ट ने गुरुवार को बाजार को व्यापक बनाने के लिए आगामी 2024-25 के पूर्ण बजट में टैक्स छूट देने की वकालत की। यहां वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बजट पूर्व बैठक में क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों ने सरकार से टैक्स कानून और टैक्स रेट में खामियों को दूर करने का भी आग्रह किया। वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा है कि यह बजट पेश होने से पहले दूसरी परामर्श बैठक थी। इसमें आगामी आम बजट 2024-25 के संबंध में वित्तीय और पूंजी बाजार क्षेत्र के विशेषज्ञों ने भाग लिया। 

जुलाई में पेश किया जाएगा पूर्ण बजट 

वित्त वर्ष 2024-25 का पूर्ण बजट अगले महीने संसद में पेश किये जाने की उम्मीद है। वित्त मंत्री के साथ दो घंटे की बैठक के बाद मॉर्गन स्टेनली इंडिया कंपनी के प्रबंध निदेशक और क्षेत्रीय प्रमुख (कंट्री हेड) अरुण कोहली ने कहा कि कर नीतियों को स्थिर और दीर्घकालिक बनाये जाने की जरूरत है। एक्सपर्ट ने पूंजीगत लाभ कर और शेयरों के खरीद और ​बिक्री पर लगने वाले टैक्स पर भी अपने सुझाव दिये। मुथूट ग्रुप के प्रबंध निदेशक जॉर्ज अलेक्जेंडर मुथूट के अनुसार कुछ कंपनियों ने बाजार को व्यापक बनाने और कुछ कर प्रोत्साहन दिये जाने की वकालत की। 

जीएसटी को लेकर स्पष्टता की मांग की

एफआईडीसी के निदेशक रमन अग्रवाल ने कहा, हमने सुझाव दिया है कि चूंकि NBFC ऋण में वृद्धि हुई है और RBI ने बैंकों पर अत्यधिक निर्भरता को लेकर चिंता जतायी है, इसलिए एनबीएफसी के पुनर्वित्त के लिए सिडबी और नाबार्ड से धन का आवंटन बढ़ सकता है।’’ अग्रवाल ने कहा कि एनबीएफसी (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों) ने सामूहिक रूप से दिये जाने वाले कर्ज और सेवा शुल्क पर जीएसटी को लेकर स्पष्टता की मांग की। उन्होंने कहा कि परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों ने गिफ्ट सिटी से जुड़े मुद्दों और देश के भीतर पूंजी बनाए रखने के तरीकों पर भी चर्चा की। 

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