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Budget 2025 : 80सी और 80डी के तहत टैक्स नियमों में बदलाव की जरूरत, इंश्योरेंस सेक्टर को बजट से हैं बहुत उम्मीदें

Edited By: Pawan Jayaswal Published : Jan 25, 2025 10:16 am IST, Updated : Jan 25, 2025 10:18 am IST

1 फरवरी को पेश होने जा रहे बजट से बीमा कंपनियों को कई उम्मीदें हैं। देश की बीमा पहुंच 2022-23 में चार प्रतिशत की तुलना में 2023-24 में 3.7 प्रतिशत थी। जीवन बीमा उद्योग की पहुंच 2022-23 में तीन प्रतिशत से मामूली रूप से घटकर 2023-24 के दौरान 2.8 प्रतिशत हो गई।

स्वास्थ्य बजट- India TV Paisa
Photo:FILE स्वास्थ्य बजट

बीमा कंपनियों को उम्मीद है कि आगामी आम बजट से उन्हें बीमा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों के लिए रियायतों सहित कई कर लाभ मिलेंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए आम बजट पेश करेंगी। एसबीआई जनरल इंश्योरेंस के प्रबंध निदेशक (एमडी) और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नवीन चंद्र झा ने कहा कि 2047 तक ‘सभी के लिए बीमा’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ‘बीमा सुगम’ जैसी पहलों को विनियामक और आर्थिक समर्थन मिलने की उम्मीद है। इंश्योरेंस प्लेटफॉर्म पॉलिसी बाजार और वित्तीय सेवा प्लेटफॉर्म पैसा बाजार की मूल कंपनी पीबीफिनटेक के संयुक्त समूह सीईओ सरबवीर सिंह ने बीमा क्षेत्र में धारा 80सी और 80डी के तहत कर नियमों में बदलाव की वकालत की।

कर नियमों में बदलाव की जरूरत

उन्होंने कहा, “बीमा क्षेत्र में सबसे जरूरी सुधारों में से एक धारा 80सी और 80डी के तहत कर नियमों में बदलाव की जरूरत है। 80सी के तहत फिलहाल भुगतान की सीमा 1,50,000 रुपये है, जो पिछले कुछ सालों से बदली नहीं है। इसमें पीपीएफ और कर्ज जैसी दूसरी जरूरी चीजों को भी शामिल किया गया है, जिससे लोगों के पास अपने महत्वपूर्ण वित्तीय फैसलों के लिए कम गुंजाइश बचती है।” बजाज अलायंज लाइफ के एमडी और सीईओ तरुण चुघ ने कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि बीमा क्षेत्र के लिए वित्तीय मजबूती बढ़ाने के लिए कई अवसर प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा, “जीवन बीमा वार्षिकी उत्पादों की कर कटौती को राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) के साथ जोड़ने और वार्षिकी उत्पादों के मूल घटक पर कर के मुद्दे को हल करने से सेवानिवृत्ति की आवश्यकताओं को प्रभावी ढंग से विकसित किया जा सकता है।”

बीमा पहुंच घटी 

भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, देश की बीमा पहुंच 2022-23 में चार प्रतिशत की तुलना में 2023-24 में 3.7 प्रतिशत थी। जीवन बीमा उद्योग की पहुंच 2022-23 में तीन प्रतिशत से मामूली रूप से घटकर 2023-24 के दौरान 2.8 प्रतिशत हो गई। गैर-जीवन बीमा उद्योग के संबंध में पहुंच 2023-24 के दौरान एक प्रतिशत पर समान रही। इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस के एमडी और सीईओ सुब्रत मंडल ने कहा कि केंद्रीय बजट सरकार को सुधारों को लागू करने का एक आवश्यक अवसर प्रदान करता है, जो उद्योग की चुनौतियों का समाधान कर सकता है और बीमा उत्पादों को व्यापक रूप से अपनाने को प्रोत्साहित कर सकता है। पीएनबी मेटलाइफ के एमडी एवं सीईओ समीर बंसल ने कहा कि आगामी बजट के लिए हमारी एक उम्मीद पेंशन और वार्षिकी योजनाओं के लिए समर्थन को लेकर है।

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