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Budget 2025: बजट में R&D के लिए पीएलआई स्कीम का हो ऐलान, डेलायट ने दिया सुझाव

 Edited By: Alok Kumar @alocksone
 Published : Jan 19, 2025 02:23 pm IST,  Updated : Jan 20, 2025 04:12 pm IST

1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आम बजट संसद में पेश करेंगी। इस का बजट खास होने वाला है। सरकार ग्रोथ की रफ्तार बढ़ाने के लिए कई ऐलान कर सकती है।

FM Nirmala Seetharaman- India TV Hindi
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण Image Source : PTI

आम बजट 2025-26 में शोध एवं विकास (R&D) के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) स्कीम की घोषणा की जानी चाहिए। इससे विदेशी कंपनियों को आकर्षित करने और भारत को इनोवेशन का ग्लोबल सेंटर बनाने में मदद मिलेगी। डेलायट इंडिया के भागीदार (डायरेक्ट टैक्स) रोहिंटन सिधवा ने यह बात कही है। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी नीति पर काम कर रही है जिसमें कर रियायतें कम हों और उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (पीएलआई) या अन्य योजनाएं हों जिनसे निवेश और रोजगार को बढ़ावा मिल सके। सिधवा ने कहा, कि हमें भारत को दुनिया की अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला के रूप में आगे बढ़ाने की जरूरत है और अगर ऐसी कोई नीति हो सकती है जो इसे प्रोत्साहित करे, जैसे अनुसंधान एवं विकास के लिए पीएलआई जिसमें विदेशी कंपनियां शामिल हों, तो यह पासा पलटने वाला साबित हो सकता है।

1 फरवरी को पेश किया जाएगा बजट 

वित्त वर्ष 2025-26 का बजट संसद में एक फरवरी को पेश किया जाएगा। सिधवा ने कहा कि एक क्षेत्र जिसपर सरकार को ध्यान देने की जरूरत है, वह है नवोन्मेषण को कैसे प्रोत्साहित किया जाए और शोध एवं विकास खर्च को कैसे पुरस्कृत किया जाए। यह तभी होगा जब देश वैश्विक अनुसंधान एवं विकास केंद्रों को भारत में आकर्षित करने में सक्षम होगा। उन्होंने कहा कि अगर हम अपना खुद का आरएंडडी विकसित कर सकते हैं, तो हमें प्रौद्योगिकी के लिए विकसित दुनिया पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी। इनोवेशन और आरएंडडी को लेकर कुछ करने की जरूरत है और मुझे उम्मीद है कि सरकार शोध एवं विकास के लिए पीएलआई योजना शुरू करने पर विचार करेगी।

FDI को बढ़ावा देने में मिलेगी मदद

सिधवा ने कहा कि अगर बजट में ऐसी नीति की घोषणा की जा सकती है जो विशेष रूप से वैश्विक कंपनियों को भारत आने के लिए पुरस्कृत करती है, तो इससे देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि भारत एक सेवा आधारित अर्थव्यवस्था है और अगर इसे आगे बढ़ाया जाता है, तो यह विदेशी मुद्रा अर्जित करने का एक प्रमुख स्रोत हो सकता है। 

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