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Digital India के तरफ तेजी से बढ़ रहा देश, UPI ट्रांजेक्शन की संख्या देख भूल जाएंगे गिनती

 Published : Feb 14, 2023 06:39 am IST,  Updated : Feb 14, 2023 06:40 am IST

UPI Payment: डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने और देश में डिजिटल भुगतान के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए सरकार, आरबीआई, एनपीसीआई और बैंकों द्वारा कई पहल की गई हैं। इसका रिजल्ट भी अब देखने को मिल रहा है।

Digital India seeing the number of UPI transactions- India TV Hindi
UPI ट्रांजेक्शन की संख्या देख भूल जाएंगे गिनती Image Source : FILE

Digital India: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा अलग-अलग मंचो पर देश को नया भारत बताते रहते हैं। आज की ये रिपोर्ट उनके उस बयान पर मुहर लगाती हुई दिख रही है, जिस भारत में कुछ साल पहले तक किसी को तेज इंटरनेट नहीं मिल पाता था वहां आज के समय में रिकॉर्ड यूपीआई ट्रांजेक्शन हो रहा है। पिछले कुछ वर्षों में देश में यूपीआई लेनदेन की संख्या में तेजी देखी गई है। वित्त वर्ष 21-22 में रजिस्टर्ड यूपीआई लेनदेन 45 बिलियन थे, जो पिछले 3 वर्षों में 8 गुना वृद्धि और पिछले 4 वर्षों में 50 गुना वृद्धि दर्शाता है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री भागवत किसानराव कराड ने सोमवार को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा- डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) ने चालू वित्त वर्ष के लिए रुपे डेबिट कार्ड और कम मूल्य के भीम-यूपीआई लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन योजना शुरू की है।

भारत में डिजिटल लेनदेन में बदलाव

सरकार द्वारा की गई विभिन्न पहलों के परिणामस्वरूप मंत्री ने कहा कि भारत में डिजिटल लेनदेन में बदलाव आया है, जो पिछले चार वित्तीय वर्षों में डिजिटल लेनदेन की मात्रा में वृद्धि के संदर्भ में परिलक्षित होता है। मंत्री ने कहा कि 2018-19 से पिछले चार वर्षों के दौरान डिजिटल भुगतान की मात्रा में 200 फीसदी से अधिक की वृद्धि हुई है। इसके अलावा, भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 21-22 में पंजीकृत यूपीआई लेनदेन 45 बिलियन थे, जो पिछले 3 वर्षों में 8 गुना वृद्धि और पिछले 4 वर्षों में 50 गुना वृद्धि दर्शाता है। यह योजना भीम-यूपीआई प्लेटफॉर्म पर रुपे डेबिट कार्ड और कम मूल्य (यानी 2,000 रुपये तक) के व्यक्ति-से-व्यापारी (पी2एम) लेनदेन का उपयोग करके पॉइंट-ऑफ-सेल (पीओएस) और ई-कॉमर्स लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए बैंकों को वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करती है। यह योजना किफायती और यूजर्स के अनुकूल डिजिटल भुगतान समाधान के रूप में यूपीआई लाइट और यूपीआई 123 पे को भी बढ़ावा देती है। वित्त वर्ष 2022-23 के लिए योजना के लिए 2,600 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।

डिजिटल भुगतान के लिए जागरूकता पैदा कर रही सरकार

मंत्री ने कहा कि प्रोत्साहन योजना ने बैंकों को एक मजबूत डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए प्रोत्साहित करके डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया है और रुपे डेबिट कार्ड और भीम-यूपीआई को सभी क्षेत्रों और आबादी के क्षेत्रों में कम लागत वाले डिजिटल भुगतान मोड के रूप में बढ़ावा दिया है। अधिक जानकारी देते हुए, मंत्री ने कहा कि बैंक अपने ग्राहकों को डिजिटल मोड में उन्नत और परेशानी मुक्त बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने के लिए नवीनतम डिजिटल तकनीकों को अपना रहे हैं। इसके अलावा, देश के लोगों के लिए परेशानी मुक्त और निर्बाध बैंकिंग लेनदेन की सुविधा के लिए डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है। डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने और देश में डिजिटल भुगतान के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए सरकार, आरबीआई, एनपीसीआई और बैंकों द्वारा कई पहल की गई हैं। कुछ पहलें भीम-यूपीआई, यूपीआई-123, आधार पेमेंट ब्रिज आदि हैं।

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