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कमाई के मोर्चे पर मोदी सरकार के लिए अच्छी खबर, प्रत्यक्ष कर संग्रह 24% बढ़कर 8.77 लाख करोड़ पहुंचा

 Edited By: Alok Kumar
 Published : Dec 12, 2022 11:34 am IST,  Updated : Dec 12, 2022 11:34 am IST

बजट में अनुमान लगाया गया था कि चालू वित्त वर्ष में प्रत्यक्ष कर संग्रह 14.20 लाख करोड़ रुपये रहेगा।

प्रत्यक्ष कर संग्रह- India TV Hindi
प्रत्यक्ष कर संग्रह Image Source : PTI

मोदी सरकार के लिए कमाई के मोर्चे पर अच्छी खबर आई है। चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से नवंबर के बीच शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 24 प्रतिशत बढ़कर 8.77 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। आयकर विभाग ने सोमवार को यह जानकारी दी। यह कर संग्रह 2022-23 (अप्रैल से मार्च) के पूरे वर्ष के बजट अनुमान का 61.79 फीसदी है। मंत्रालय ने ट्वीट किया कि शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 30 नवंबर तक 8.77 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के शुद्ध संग्रह से 24.26 प्रतिशत अधिक है। यह संग्रह 2022-23 के बजट अनुमान का 61.79 फीसदी है। बजट में अनुमान लगाया गया था कि चालू वित्त वर्ष में प्रत्यक्ष कर संग्रह 14.20 लाख करोड़ रुपये रहेगा। यह 2021-22 के 14.10 लाख करोड़ रुपये के संग्रह से अधिक है। कर संग्रह किसी भी देश की आर्थिक गतिविधियों का संकेतक होता है। चालू वित्त वर्ष में एक अप्रैल से 30 नवंबर के बीच 2.15 लाख करोड़ रुपये के रिफंड जारी किए गए जो पिछले वर्ष की तुलना में 67 फीसदी अधिक है। 

बजट अनुमान से अधिक रहने का अनुमान 

हाल ही में राजस्व सचिव तरुण बजाज ने कहा था कि कर संग्रह चालू वित्त वर्ष में बजट अनुमान से लगभग चार लाख करोड़ रुपये अधिक रहने का अनुमान है। आयकर, सीमा शुल्क और माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह में वृद्धि से इसके अनुमानित लक्ष्य को बड़े आंकड़े के साथ पार करने की उम्मीद है। मार्च, 2023 को समाप्त होने वाले चालू वित्त वर्ष के लिए बजट में निर्धारित कर संग्रह लक्ष्य लगभग 27.50 लाख करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा था कि कर राजस्व में बढ़ोतरी सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में वृद्धि की तुलना में अधिक बनी रहेगी। इससे अर्थव्यवस्था को ‘संगठित’ बनाने तथा बेहतर अनुपालन में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में व्यक्तिगत और कॉरपोरेट कर समेत प्रत्यक्ष कर संग्रह 17.50 लाख करोड़ रुपये के करीब रह सकता है। अप्रत्यक्ष करों (सीमा शुल्क, उत्पाद शुल्क और जीएसटी) की हिस्सेदारी 14 लाख करोड़ रुपये के करीब होगी। सचिव के अनुसार, वित्त वर्ष 2022-23 में कुल कर संग्रह करीब 31.50 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। हुंच गया था। 

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