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जिंदल स्टेनलेस का नेट प्रॉफिट पहली तिमाही में ₹646 करोड़ रहा, जानें कंपनी की कितनी रही इनकम

 Published : Jul 30, 2024 08:29 pm IST,  Updated : Jul 30, 2024 08:30 pm IST

एक साल पहले इसी अवधि में कंपनी ने 737.58 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया था। कंपनी की कुल इनकम 2023-24 की अप्रैल-जून तिमाही में 10,227.20 करोड़ रुपये से घटकर 9,480.50 करोड़ रुपये रह गई।

कंपनी का निर्यात आकार तिमाही दर तिमाही आधार पर स्थिर रहा है। - India TV Hindi
कंपनी का निर्यात आकार तिमाही दर तिमाही आधार पर स्थिर रहा है। Image Source : FILE

जिंदल स्टेनलेस लिमिटेड (जेएसएल) के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही के रिजल्ट्स जारी किए। कंपनी ने 30 जून, 2024 को समाप्त तिमाही के वित्तीय परिणामों की घोषणा में बताया कि कंपनी ने पहली तिमाही में वित्त वर्ष 2023-24 की चौथी तिमाही की तुलना में 1.4% की वृद्धि के साथ 5,78,143 टन की बिक्री दर्ज की। इस तिमाही स्टैंडअलोन EBITDA और PAT क्रमशः 1,004 करोड़ रुपये और 578 करोड़ रुपये रहे। हालांकि कंपनी को जिंदल स्टेनलेस लिमिटेड (जेएसएल) का जून में खत्म चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही का एकीकृत शुद्ध मुनाफा 12 प्रतिशत घटकर 646.07 करोड़ रुपये रह गया है।

कंपनी का मुनाफा कम हुआ

खबर के मुताबिक, आमदनी घटने से कंपनी का मुनाफा कम हुआ है। कंपनी ने शेयर बाजारों को भेजी सूचना में यह जानकारी दी। एक साल पहले इसी अवधि में कंपनी ने 737.58 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया था। भाषा की खबर के मुताबिक, कंपनी की कुल इनकम 2023-24 की अप्रैल-जून तिमाही में 10,227.20 करोड़ रुपये से घटकर 9,480.50 करोड़ रुपये रह गई। एक साल पहले इसी तिमाही में हुए 9,279.15 करोड़ रुपये के खर्च के मुकाबले इस बार 8,593.13 करोड़ रुपये का खर्च हुआ।

कंपनी की राय

चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही का मुनाफा इससे पिछली जनवरी-मार्च तिमाही के 500.65 करोड़ रुपये की तुलना में 29 प्रतिशत अधिक रहा। जेएसएल के प्रबंध निदेशक अभ्युदय जिंदल ने कहा कि अमेरिका और यूरोपीय संघ के बाजारों में स्थिर वृद्धि के कारण, कंपनी का निर्यात आकार तिमाही दर तिमाही आधार पर स्थिर रहा है। उन्होंने कहा कि लाल सागर में चल रहे तनाव ने भारत से पश्चिमी बाजारों तक पारगमन समय और माल ढुलाई लागत को बढ़ा दिया है, और कंटेनरों की कमी ने निर्यात को और प्रभावित किया है।

जिंदल ने कहा कि चूंकि कंपनी अपने अधिकांश कच्चे माल को नजदीकी तटों और घरेलू आपूर्तिकर्ताओं से प्राप्त करती है, इसलिए कंपनी इस संकट से उत्पन्न होने वाले लागत और समय के जोखिम को काफी हद तक कम करने में सक्षम रही है। उन्होंने कहा कि चीन और वियतनाम से सस्ता आयात घरेलू उद्योग के लिए खतरा बना हुआ है।

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