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बकाया Home Loan वित्त वर्ष 2024 की दूसरी तिमाही में ₹33.53 लाख करोड़ रहा, एक साल में इतना बढ़ा

 Published : Mar 12, 2025 08:02 pm IST,  Updated : Mar 12, 2025 08:03 pm IST

30 सितंबर, 2024 तक बकाया व्यक्तिगत होम लोन में ईडब्ल्यूएस और एलआईजी का हिस्सा 39 प्रतिशत, एमआईजी का 44 प्रतिशत और एचआईजी का 17 प्रतिशत था।

हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों ने भारतीय आवास क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।- India TV Hindi
हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों ने भारतीय आवास क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। Image Source : FILE

राष्ट्रीय आवास बैंक (एनएचबी) का कहना है कि सितंबर के आखिर तक व्यक्तिगत होम लोन बकाया 33.53 लाख करोड़ रुपये था। यह पिछले साल के मुकाबले 14 प्रतिशत ज्यादा है। खास बात यह है कि इसमें एमआईडी सेक्शन का बकाया सबसे ज्यादा रहा। यानी मध्य आय वर्ग के दायरे में आने वाले होम लोन ग्राहकों का बकाया सबसे ज्यादा दर्ज किया गया। पीटीआई की खबर के मुताबिक, भारत सरकार के अधीन एक सांविधिक निकाय एनएचबी ने भारत में आवास के रुझान और प्रगति पर रिपोर्ट जारी की है।

एमआईजी का 44 प्रतिशत बकाया

खबर के मुताबिक, एनएचबी की रिपोर्ट में कहा गया है कि 30 सितंबर, 2024 तक बकाया व्यक्तिगत आवास ऋणों में ईडब्ल्यूएस और एलआईजी का हिस्सा 39 प्रतिशत, एमआईजी का 44 प्रतिशत और एचआईजी का 17 प्रतिशत था। सितंबर 2024 को खत्म छमाही के दौरान व्यक्तिगत होम लोन डिसबर्समेंट 4.10 लाख करोड़ रुपये था, जबकि मार्च 2024 को समाप्त वर्ष के दौरान डिसबर्समेंट (संवितरण) 9.07 लाख करोड़ रुपये था।

 रिपोर्ट में आवास परिदृश्य और घर की कीमतों में उतार-चढ़ाव, आवास क्षेत्र में भारत सरकार के प्रमुख कार्यक्रम, आवास ऋण प्रदान करने में प्राथमिक ऋण संस्थानों (पीएलआई) की भूमिका, आवास वित्त कंपनियों (एचएफसी) का प्रदर्शन और क्षेत्र के लिए दृष्टिकोण को व्यापक रूप से शामिल किया गया है।

आवास क्षेत्र के लिए दृष्टिकोण आशाजनक

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत सरकार की प्रमुख पहलों, जैसे कि पीएमएवाई-जी, पीएमएवाई-यू, पीएमएवाई-यू का प्रभाव मूल्यांकन, शहरी अवसंरचना विकास फंड (यूआईडीएफ), किफायती किराया आवास परिसर (एआरएचसी) योजना, आदि को रिपोर्ट में शामिल किया गया है। इसमें यह भी कहा गया है कि पीएमएवाई 2.0 पर बजट घोषणाओं, शहरीकरण, ट्रांजिट ओरिएंटेड विकास, डिजिटलीकरण और दूसरे कारकों से प्रेरित आवास क्षेत्र के लिए दृष्टिकोण आशाजनक बना हुआ है।

हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों की महत्वपूर्ण भूमिका

आवास वित्त कंपनियों (एचएफसी) ने घर खरीदारों की विविध जरूरतों को पूरा करके भारतीय आवास क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अपनी लचीली पात्रता मानदंड, मजबूत ग्राहक सेवा, कुशल दस्तावेजीकरण और कम प्रोसेसिंग समय के कारण, एचएफसी (हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों) ने भारतीय वित्तीय परिदृश्य में अपना स्थान सुरक्षित कर लिया है। एनएचबी ने कहा कि जबकि आवास क्षेत्र ने मजबूत वृद्धि दिखाई है, लोन फ्लो में क्षेत्रीय असमानताएं एचएफसी के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती बनी हुई हैं, दक्षिणी, पश्चिमी और उत्तरी राज्यों में आवास वित्त संवितरण का बड़ा हिस्सा है, जबकि पूर्वी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में ऋण प्रवाह की पहुंच कम है। इसी तरह, देश के पूर्वोत्तर क्षेत्रों में एचएफसी के लिए शाखा नेटवर्क की पहुंच कम है।

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