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अंबानी या दमानी नहीं ये हैं स्टॉक मार्केट के जनक, इन्हीं की बदौलत आज करोड़ों छाप रहे लोग

 Written By: Pawan Jayaswal
 Published : Jun 18, 2024 06:37 pm IST,  Updated : Jun 18, 2024 06:38 pm IST

Father of Indian stock market : शेयर मार्केट एक्सपर्ट रमेश दमानी ने जॉर्ज फर्नांडिस को भारतीय शेयर बाजार का जनक बताया है। उन्होंने कहा कि फर्नांडिस की बदौलत विदेशी कंपनियों ने हिस्सेदारी डायल्यूट की।

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भारतीय शेयर बाजार के जनक Image Source : FILE

क्या आपने कभी सोचा है कि यह भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) जो आज दुनियाभर में धूम मचा रहा है, उसे ऐसा बनाने में किसका सबसे बड़ा हाथ है। यानी हू इज द फादर ऑफ इंडियन स्टॉक मार्केट। किसे कहा जाए भारतीय शेयर बाजार का जनक? जाने-माने मार्केट एक्सपर्ट रमेश दमानी (Ramesh Damani) ने इस पर अपनी राय रखी है। उन्होंने बताया है कि असल में किन्हें भारतीय स्टॉक मार्केट का जनक कहा जाना चाहिए। दमानी ने जॉर्ज फर्नांडिस (George Fernandes) को शेयर बाजार का जनक कहा है। उन्होंने कहा कि फर्नांडिस का भारत के वित्तीय बाजार को विस्तार देने में बहुत बड़ा योगदान है।

कौन है भारतीय शेयर बाजार का जनक?

सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हो रही है। इसमें दिग्गज शेयर मार्केट एक्सपर्ट रमेश दमानी एक इवेंट में बोलते दिख रहे हैं। वे कहते हैं- आप जानते हैं कि मैं किसे इंडियन स्टॉक मार्केट का फादर मानता हूं? आप अनुमान लगाइए। वास्तव में कौन हैं भारतीय शेयर बाजार का जनक। फिर दर्शकों में से कोई चंद्रकांत संपत का नाम लेता है, कोई धीरूभाई अंबानी का तो कोई राधाकृष्ण दमानी का नाम लेता है। इस पर रमेश दमानी कहते हैं, 'इन सब लोगों ने ग्रेट बिजनेसेस बनाए हैं। लेकिन इंडियन स्टॉक मार्केट का फादर कौन हैं? किसी राजनेता के बारे में सोचिए।' फिर किसी ने नरसिम्हा राव का नाम लिया। फिर एक दर्शक ने जॉर्ज फर्नांडिस का नाम लिया, जिसे रमेश दमानी ने सही बताया।

दमानी ने क्यों लिया जॉर्ज फर्नांडिस का नाम?

रमेश दमानी ने कहा, 'जब जनता पार्टी सत्ता में आई तो जॉर्ज फर्नांडिस 1978-79 में उद्योग मंत्री बने। उन्होंने आईबीएम-कोक जैसी सभी एमएनसी कंपनियों से कहा कि आपके पास दो च्वाइस हैं। या तो अपनी 40 फीसदी हिस्सेदारी डायल्यूट करें या भारत छोड़ दें। आप 100 फीसदी हिस्सेदारी अपने पास नहीं रख सकते। तो कोक और आईबीएम जैसी कंपनियां देश छोड़कर चली गईं। वहीं, लीवर, कोलगेट जैसी कंपनियों ने शेयर डिस्ट्रीब्यूट किए। तो जब उन्होंने 40 फीसदी शेयर डिस्ट्रीब्यूट किये, तो पब्लिक शेयरहोल्डिंग क्रिएट की। फिर चंद्रकांत संपत और मेरे पिता जैसे लोगों ने इन कंपनियों को फॉलो करना शुरू किया और इन बिजनसेज की वैल्यू समझी।'

समाजवादी नेता थे फर्नांडिस

जॉर्ज फर्नांडिस जाने-माने मजदूर नेता और समाजवादी थे। आपतकाल के बाद साल 1977 में मोरारजी देसाई के नेतृत्व में जनता पार्टी की सरकार बनी तो उन्हें उद्योग मंत्री बनाया गया। फर्नांडिस ने विदेशी कंपनियों से कहा कि वे अपने भारतीय पार्टनर में अपनी हिस्सेदारी डायल्यूट करें। ऐसे में कोका-कोला और आईबीएम जैसी कंपनियां विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम (FERA) का पालन करने में नाकाम रहीं।  उनके कामों और नीतियों का भारत के औद्योगिक परिदृश्य पर दूरगामी प्रभाव पड़ा।

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