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MTNL को दिल्‍ली में 5G परीक्षण के लिए मिला स्‍पेक्‍ट्रम, BSNL ने नहीं किया आवेदन

सी-डॉट के अनुसार 5जी तकनीक, 4जी के मुकाबले दस गुना अधिक डाउनलोड गति और तीन गुना अधिक स्पेक्ट्रम दक्षता प्रदान करेगी।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Published on: June 24, 2021 9:13 IST
Good news Department of Telecom allocates 5G trial spectrum to MTNL- India TV Paisa
Photo:FILE PHOTO

Good news Department of Telecom allocates 5G trial spectrum to MTNL

नई दिल्‍ली। दूरसंचार विभाग (Department of Telecom) ने बुधवार को सरकारी दूरसंचार कंपनी महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (MTNL) को प्रौद्योगिकी भागीदार के रूप में सी-डॉट के साथ 5जी के फील्‍ड परीक्षण के लिए स्पेक्ट्रम आवंटित कर दिया है। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। इससे पहले रिलायंस जियो (Reliance Jio), भारती एयरटेल (Bharti Airtel) और वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) को मई में ही भारत के चुनिंदा शहरों में 5जी परीक्षण करने के लिए स्पेक्ट्रम आवंटित कर दिया गया था।

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि दूरसंचार विभाग ने दिल्ली में 5जी नेटवर्क परीक्षण के लिए एमटीएनएल को स्पेक्ट्रम आवंटित किया है। कंपनी सी-डॉट के साथ साझेदारी में परीक्षण करेगी। सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में 5जी नेटवर्क परीक्षण का संचालन करेगी। सी-डॉट के अनुसार 5जी तकनीक, 4जी के मुकाबले दस गुना अधिक डाउनलोड गति और तीन गुना अधिक स्पेक्ट्रम दक्षता प्रदान करेगी।

वर्तमान में परीक्षणों की अवधि छह महीने है। इसमें उपकरणों की खरीद और स्थापना के लिए दो महीने की समयावधि शामिल है। भारती एयरटेल ने दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु में 5जी परीक्षण शुरू कर दिया है जबकि जियो ने दिल्ली, मुंबई, गुजरात और हैदराबाद में 5जी परीक्षण के लिए आवेदन किया है। बीएसएनएल ने 5जी परीक्षण के लिए अभी आवेदन नहीं किया है। 

भारतीय दूरसंचार मानक निकाय ने संयुक्तराष्ट्र के दूरसंचार निकाय को दिया 6जी पर दृष्टि-पत्र

भारतीय दूरसंचार मानक निकाय टीएसडीएसआई ने बुधवार को कहा कि उसने संयुक्तराष्ट्र के निकाय आईटीयू (वायरलेस क्षेत्र) को 6जी प्रौद्योगिकी पर एक दृष्टि-पत्र प्रस्तुत किया है। जो तार रहित संचार के लिए वैश्विक मानक को अंतिम रूप देता है। टेलीकम्युनिकेशंस स्टैंडर्ड डेवलपमेंट सोसाइटी इंडिया (टीएसडीएसआई) ने इंटरनेशनल टेलीकम्यूनिकेशन यूनिन-रेडिया (आईटीयू-आर) को अपने प्रतिवेदन में कहा है कि 6जी ऐसी तकनीक होनी चाहिए जो सभी को मोबाइल से जुड़े समाज के विकास में सहायता करे। साथ ही डिजिटल विभाजन को कम करने और सेवाओं के निजीकरण एवं स्थानीयकरण के लिए समर्थन के साथ-साथ डाटा सुरक्षा प्रबंधन पर केंद्रित हो।

टीएसडीएसआई ने कहा कि 6जी यात्रा के हिस्से के रूप में वह लक्ष्यों को पूरा करने के लिए भारत में अनुसंधान को आगे बढ़ाएगा तथा प्रयासों के ताल-मेल के लिए वैश्विक मानक निकायों के साथ सहयोग जारी रखेगा। उल्लेखनीय है कि दक्षिण कोरियाई प्रौद्योगिकी दिग्गज सैमसंग ने मंगलवार को दावा किया कि उसने 5जी की तुलना में 6जी अनुसंधान में 50 गुना तेज गति हासिल की है। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नए 5जी ट्रांसमिशन उपकरण पर कंपनी की प्रस्तुति के दौरान कहा कि उसने 5जी नेटवर्क पर 5.23 गीगाबिट प्रति सेकेंड (जीबीपीएस) की गति हासिल कर ली है। वही भारत में फिलहाल 4जी इंटरनेट सेवाएं ही उपलब्ध है और 5जी सेवाओं को शुरू करने की प्रक्रिया अभी चल रही हैं। 

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