नई दिल्ली। देश में आम चुनावों से पहले फर्जी खबरों से निपटने के लिए व्हाट्सएप ने मंगलवार को चेकप्वाइंट टिपलाइन को पेश किया है। इसके माध्यम से लोग उन्हें मिलने वाली जानकारी की प्रमाणिकता जांच सकते हैं।
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व्हाट्सएप पर मालिकाना हक रखने वाली कंपनी फेसबुक ने एक बयान में कहा कि इस सेवा को भारत के एक मीडिया कौशल स्टार्टअप प्रोटो ने पेश किया है। यह टिपलाइन गलत जानकारियों एवं अफवाहों का डाटाबेस तैयार करने में मदद करेगी। इससे चुनाव के दौरान चेकप्वाइंट के लिए इन जानकारियों का अध्ययन किया जा सकेगा।
चेकप्वाइंट को एक शोध परियोजना के तौर पर चालू किया गया है, जिसमें व्हाट्सएप की ओर से तकनीकी सहयोग दिया जा रहा है।
कंपनी ने कहा कि देश में लोग उन्हें मिलने वाली गलत जानकारियों या अफवाहों को व्हाट्सएप के +91-9643-000-888 नंबर पर चेकप्वाइंट टिपलाइन को भेज सकते हैं। एक बार जब कोई यूजर टिपलाइन को यह सूचना भेज देगा तब प्रोटो अपने प्रमाणन केंद्र पर जानकारी के सही या गलत होने की पुष्टि कर यूजर को सूचित कर देगा। इस पुष्टि से यूजर को पता चल जाएगा कि उसे मिला संदेश सही, गलत, भ्रामक या विवादित में से क्या है।
प्रोटो का प्रमाणन केंद्र तस्वीर, वीडियो और लिखित संदेश की पुष्टि करने में सक्षम है। यह अंग्रेजी के साथ हिंदी, तेलुगू, बांग्ला और मलयालम भाषा के संदेशों की पुष्टि कर सकता है।