बुधवार को आर्डी इंडस्ट्रीज घरेलू शेयर बाजार में लिस्ट हो गई। कंपनी के शेयरों ने बाजार में छप्परफाड़ डेब्यू किया। हालांकि, अंत में ये बढ़त काफी कम हो गई। आर्डी इंडस्ट्रीज का आईपीओ 5 अगस्त को खुला था और 7 अगस्त को बंद हुआ था। कंपनी ने इस आईपीओ से 426 करोड़ रुपये जुटाए हैं। आर्डी इंडस्ट्रीज के आईपीओ को निवेशकों की जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी। कंपनी के आईपीओ को कुल 133.66 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था।
बीएसई पर 38.86 प्रतिशत के बंपर प्रीमियम के साथ लिस्ट हुआ था आईपीओ
आर्डी इंडस्ट्रीज का शेयर बुधवार को बाजार में लिस्ट होने के बाद अपने 53 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले करीब 27 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। बीएसई पर कंपनी के शेयर ने 73.60 रुपये पर कारोबार शुरू किया था, जो इश्यू प्राइस से 38.86 प्रतिशत ज्यादा था। हालांकि, अंत में ये 26.66 प्रतिशत की तेजी के साथ 67.13 रुपये पर बंद हुआ। एनएसई पर ये अपने इश्यू प्राइस से 35.84 प्रतिशत की बढ़त के साथ 72 रुपये पर लिस्ट हुआ और कारोबार के अंत में ये 26.64 प्रतिशत चढ़कर 67.12 रुपये पर रहा। कंपनी का मार्केट कैप 2,115.94 करोड़ रुपये रहा। दिन में बीएसई पर कंपनी के 125.16 लाख शेयर और एनएसई पर 1,302.76 लाख शेयरों का कारोबार हुआ।
आर्डी इंडस्ट्रीज ने फिक्स किया था 50-53 रुपये का प्राइस बैंड
कंपनी ने अपने इस आईपीओ के तहत 2 रुपये की फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर के लिए 50-53 रुपये का प्राइस बैंड फिक्स किया था। 7 अगस्त को आईपीओ बंद होने के बाद 10 अगस्त को शेयरों का अलॉटमेंट किया गया था और 11 अगस्त को शेयर क्रेडिट कर दिए गए थे।
आईपीओ में शामिल थे 320 करोड़ रुपये के नए शेयर
इस आईपीओ में 320 करोड़ रुपये तक के नए शेयर और 1.99 करोड़ शेयरों का ओएफएस शामिल था। नए शेयरों की बिक्री से प्राप्त राशि में से 220 करोड़ रुपये कंपनी की अतिरिक्त कार्यशील पूंजी की जरूरतों, 22 करोड़ रुपये कर्ज चुकाने के लिए और बाकी पैसे सामान्य कंपनी कामकाज के लिए इस्तेमाल की जाएंगी।
सर्कुलर इकोनॉमी सेक्टर में काम करती है कंपनी
आर्डी इंडस्ट्रीज सर्कुलर इकोनॉमी सेक्टर में काम करती है। कंपनी उन ऊर्जा भंडारण उत्पादों और गैर-लौह धातु कबाड़ (स्क्रैप) का पुनर्चक्रण करती है, जिनकी अवधि समाप्त हो चुकी है।
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