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Sensex को 1000 से 60,000 तक पहुंचने में लगे 31 साल, जानिए अब आगे क्‍या रहेगी बाजार की चाल

सेंसेक्स ने 50 हजार और 60 हजार दोनों आंकड़ों को वर्ष 2021 में ही हासिल किया है। यह कोविड-19 महामारी के कारण उत्तपन्न व्यवधान के बावजूद बाजार की मजबूती को प्रदर्शित करता है।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Updated on: September 24, 2021 14:04 IST
Sensex From 1,000 to 60,000 in over 31 years, rally may extend till February 2022- India TV Paisa
Photo:QUARTZ

Sensex From 1,000 to 60,000 in over 31 years, rally may extend till February 2022

नई दिल्‍ली। बीएसई सेंसेक्‍स ने 25 जुलाई, 1990 को पहली बार 1000 अंक के आंकड़े को छुआ था। शुक्रवार को इसने पहली बार 60,000 का ऐतिहासिक स्‍तर पार किया है। बेंचमार्क इंडेक्‍स सेंसेक्‍स के लिए यह सफर ऐतिहासिक और यादगार है। सेंसेक्‍स को 1000 के स्‍तर से 60,000 के आंकड़े तक पहुंचने में पूरे 31 साल का समय लगा है। इन सालों में, बीएसई सेंसेक्‍स ने कई रिकॉर्ड बनाए हैं। इंडेक्‍स पहली बार 6 फरवरी, 2006 को 10,000 के आंकड़े पर पहुंचा था।

29 अक्‍टूबर, 2007 को सेंसेक्‍स ने 20,000 के स्‍तर को पार किया था और इसके बाद 4 मार्च, 2015 को बेंचमार्क ने 30,000 का आंकड़ा छुआ था। 23 मई, 2019 को बीएसई बेंचमार्क ने 40,000 के जादुई नंबर को हासिल कर इतिहास रचा था। 21 जनवरी, 2021 को सेंसेक्‍स ने सर्वकालिक उच्‍च स्‍तर 50,000 के आंकड़े को पार किया था। यहां रोचक बात यह है कि सेंसेक्‍स ने 50 हजार और 60 हजार दोनों आंकड़ों को वर्ष 2021 में ही हासिल किया है। यह कोविड-19 महामारी के कारण उत्‍तपन्‍न व्‍यवधान के बावजूद बाजार की मजबूती को प्रदर्शित करता है।

Sensex From 1,000 to 60,000 in over 31 years

Image Source : BSE INDIA
Sensex From 1,000 to 60,000 in over 31 years

बीएसई के सीईटो आशीष कुमार चौहान ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा कि 1992 में हर्षद मेहता स्‍कैम से लेकर 1993 में बीएसई बिल्डिंग और बीएसई में बम धमाके, 1999 में कारगिल युद्ध, 2002 में अमेरिका और भारतीय संसद पर आतंकी हमला, सत्‍यम घोटाला, वैश्विक मंदी, नोटबंदी, पीएनबी घोटाला और कोविड-19 तक, बाजार ने कई अनिश्चि‍तताओं का सामना किया है।  

कई सकारात्‍मक कारणों ने भी बाजार की तेजी में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई है। वैश्विक बाजारों में कमोडिटी बूम, ग्‍लोबल लिक्विडिटी, कोविड-19 वैक्‍सीन अप्रूवल और वैक्‍सीनेशन प्रोग्राम की शुरुआत इसमें अहम हैं। इस साल बीएसई सेंसेक्‍स में अबतक 25 प्रतिशत से अधिक की तेजी आ चुकी है। इस साल अगस्‍त में, स्‍टॉक मार्केट कई नई ऊचांईयों पर पहुंचा। बीएसई बेंचमार्क पिछले महीने 9 प्रतिशत ऊपर चढ़ा था। 2020 में बीएसई बेंचमार्क ने महामारी के कारण उत्‍पन्‍न परिस्थितियों में उतार-चढ़ाव भरी यात्रा के बीच 15.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की थी।

जनवरी-फरवरी 2022 तक बनी रहेगी तेजी

इक्विटीमास्‍टर के सीनियर रिसर्च एनालिस्‍ट बृजेश भाटिया का कहना है कि दलाल-स्‍ट्रीट पर सेंटीमेंट बुलिश है। कुछ प्रतिशत की गिरावट ट्रेडर्स और इनवेस्‍टर्स के लिए बाजार में एंट्री करने का एक अच्‍छा मौका देगी। हम लार्जस्‍कैप से लेकर मिडस्‍कैप और स्‍मॉलकैप तक में ब्रॉड-बेस्‍ड खरीदारी देख रहे हैं। बाजार में तेजी का यह दौरान आगे भी निरंतर बना रह सकता है। यह ट्रेंड जनवरी-फरवरी 2022 तक देखने को मिल सकता है। हालांकि उतार-चढ़ाव को खरीदारी के लिए अच्‍छे मौके के रूप में देखा जाना चाहिए।

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