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क्या घट जाएगी आपके Loan पर ब्याज दर? Repo Rate को लेकर जानिए एक्सपर्ट्स की राय

Edited By: Pawan Jayaswal Published : Jun 02, 2024 05:53 pm IST, Updated : Jun 02, 2024 05:54 pm IST

उद्योग मंडल एसोचैम के अध्यक्ष संजय नायर ने भी उम्मीद जताई कि आगामी एमपीसी बैठक में रेपो दर को अपरिवर्तित रखने की उम्मीद है। मुद्रास्फीति पर चिंता बनी हुई है और गर्मी ने विशेष रूप से सब्जियों की कीमतों को प्रभावित किया है।

भारतीय रिजर्व बैंक- India TV Paisa
Photo:FILE भारतीय रिजर्व बैंक

महंगाई की चुनौतियों के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में प्रमुख नीतिगत दर रेपो में कटौती की संभावना नहीं है। विशेषज्ञों ने यह राय जताई है। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव परिणामों की घोषणा के तुरंत बाद मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक 5-7 जून के लिए निर्धारित है। विशेषज्ञों ने कहा कि एमपीसी दर में कटौती से परहेज कर सकती है, क्योंकि आर्थिक वृद्धि जोर पकड़ रही है। रेपो दर फरवरी, 2023 से 6.5 प्रतिशत पर कायम है।

7 जून को आएगा फैसला

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता वाली एमपीसी बैठक के फैसले की घोषणा सात जून (शुक्रवार) को की जाएगी। लोकसभा चुनाव के नतीजे चार जून को घोषित किए जाएंगे। यदि सात जून को ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया जाता है, तो यह यथास्थिति बनाए रखने का आठवां मौका होगा। बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा कि पिछली नीति के बाद से आर्थिक स्थितियां काफी हद तक अपरिवर्तित बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि पीएमआई और जीएसटी संग्रह जैसे उच्च आवृत्ति संकेतक दिखाते हैं कि वृद्धि सही दिशा में है।

गर्मी से बढ़ी सब्जियों की महंगाई

उन्होंने आगे कहा कि मुद्रास्फीति पर चिंता बनी हुई है और गर्मी ने विशेष रूप से सब्जियों की कीमतों को प्रभावित किया है। उद्योग मंडल एसोचैम के अध्यक्ष संजय नायर ने भी उम्मीद जताई कि आगामी एमपीसी बैठक में रेपो दर को अपरिवर्तित रखने की उम्मीद है, क्योंकि खुदरा मुद्रास्फीति चार प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है। उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, मुद्रास्फीति में कमी आनी शुरू हो गई है, लेकिन सितंबर में मानसून सत्र खत्म होने के बाद ही व्यापक आर्थिक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।’’ इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि हाल के मुद्रास्फीति के आंकड़ों और खाद्य वस्तुओं की कीमतों के पूर्वानुमान से लगता है कि यथास्थिति बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों ने इस बात की पुष्टि की है।

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