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अप्रैल-जून के दौरान शुद्ध कर संग्रह में आया 86% का उछाल, सरकार को मिले 5.57 लाख करोड़ रुपये

एचएसबीसी मामले में 8,465 करोड़ रुपये की अघोषित आय को कर के दायरे में लाया गया है और इस पर 1294 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Published on: July 26, 2021 17:42 IST
 Modi Govt's net tax collection rises 86 per cent to Rs 5.57 lakh cr in Q1- India TV Paisa
Photo:PTI

 Modi Govt's net tax collection rises 86 per cent to Rs 5.57 lakh cr in Q1

नई दिल्‍ली। चालू वित्‍त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के दौरान सरकार का कुल कर संग्रह लगभग 86 प्रतिशत बढ़कर 5.57 लाख करोड़ रुपये रहा। सोमवार को संसद में यह जानकारी दी गई। कुल राजस्‍व में, शुद्ध प्रत्‍यक्ष कर संग्रह 2.46 लाख करोड़ रुपये और अप्रत्‍यक्ष कर संग्रह 3.11 लाख करोड़ रुपये है।

वित्‍त राज्‍य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में एक लिखित उत्‍तर में कहा कि वित्‍त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही के दौरान शुद्ध प्रत्‍यक्ष कर संग्रह 2,46,519.82 करोड़ रुपये रहा, जो वित्‍त वर्ष 2020-21 की समान अवधि में 1,17,783.87 करोड़ रुपये था। इस प्रकार इसमें 109.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वित्‍त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही में शुद्ध अप्रत्‍यक्ष कर संग्रह 3,11,398 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्‍त वर्ष की समान अवधि में 1,82,862 करोड़ रुपये था। इसमें 70.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

एक अन्‍य प्रश्‍न के उत्‍तर में चौधरी ने कहा कि आयकर विभाग कर चोरी करने वालों के खिलाफ संबंधित कानून के तहत उचित कार्रवाई करता है। प्रत्‍यक्ष कर कानून के तहत ऐसी कार्रवाई में सर्च, सर्वे, पूछताछ, आय का आकलन, कर, ब्‍याज, जुर्माना लगाना और जहां आवश्‍यक हो वहां आपराधिक अदालतों में शिकायत दर्ज कराना शामिल है।  

 उन्‍होंने बताया कि अभी तक ब्‍लैक मनी (अनडिसक्‍लोज्‍ड फॉरेन इनकम एंड असेट) एंड इम्‍पोजिशन ऑफ टैक्‍स एक्‍ट, 2015 के तहत 107 से ज्‍यादा आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। 31 मई, 2021 तक 166 मामलों में कानून के तहत असेसमेंट ऑर्डर जारी किए गए हैं, जिनमें 8,216 करोड़ रुपये की मांग की गई है।  

इसके अलावा एचएसबीसी मामले में 8,465 करोड़ रुपये की अघोषित आय को कर के दायरे में लाया गया है और इस पर 1294 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। आईसीआईजे (इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इनवेस्टिगेटिव जर्नलिस्‍ट) मामले में 11,010 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता लगाया गया है। पनामा पेपर्स और पेराडाइज पेपर्स लीक मामले में, क्रमश: 20,078 करोड़ रुपये और 246 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता लगाया गया है।

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