1. Hindi News
  2. पैसा
  3. टैक्स
  4. ITR 2025: इन 5 इनकम पर लगता है टैक्स, रिटर्न फाइल करने में जरूरी दें जानकारी

ITR 2025: इन 5 इनकम पर लगता है टैक्स, रिटर्न फाइल करने में जरूरी दें जानकारी

 Edited By: Alok Kumar @alocksone
 Published : Jul 28, 2025 11:33 am IST,  Updated : Jul 28, 2025 11:33 am IST

इनकम टैक्स भरने में काफी सावधानी की जरूरत होती है क्योंकि फॉर्म चुनने से लेकर जानकारी भरने में गलती होने का चांस अधिक होता है।

ITR- India TV Hindi
रिटर्न फाइल Image Source : SORA

वित्त वर्ष 2024-25 (असेसमेंट ईयर 2025-26) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न भरने की शुरुआत हो गई है। इस बार रिटर्न भरने की तारीख बढ़ाकर 15 सिंतबर, 2025 कर दी गई है। ऐसे में अगर आप अपना रिटर्न फाइल करने की तैयारी में हैं तो आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि किन-किन इनकम सोर्स पर टैक्स देना होता है। टैक्स एक्सपर्ट का कहना है कि एक टैक्सपेयर की एक से अधिक इनकम होना आम है। यह सैलरी, रेंटल इनकम या बिजनेस से हो सकता है। ऐसे में सभी इनकम की जानकारी रिटर्न में देना जरूरी है। इनकम सोर्स छुपाने पर आयकर विभाग से नोटिस मिल सकता है। गलती पकड़े जाने पर जुर्माना देना पड़ सकता है। तो आइए हम आपको बताते हैं कि किन 5 इनकम सोर्स पर टैक्स लगता है। 

इनकम के 5 स्रोत, जिनपर लगता है टैक्स

1. सैलरी से आय: कर योग्य वेतन में मूल वेतन, सभी भत्ते, सुविधाएं और बोनस आदि शामिल हैं, जो कर योग्य श्रेणी में आते हैं। जिन करदाताओं की मासिक आय उनकी एकमात्र आय है, उन्हें ITR-1 फॉर्म के माध्यम से अपना आयकर रिटर्न दाखिल करना चाहिए।

2. रेंटल इनकम: अगर किसी के पास किराए पर दी गई प्रॉपर्टी है, तो उससे अर्जित किराया कर योग्य होता है। इस आय धारा के अंतर्गत पात्र करदाता ITR-1 फॉर्म के माध्यम से अपना ITR दाखिल कर सकते हैं।

3. कैपिटल गेन: लॉन्ग और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन, साथ ही शेयरों, म्यूचुअल फंड और प्रॉपर्टी की बिक्री से अर्जित लाभ, आयकर योग्य होती हैं।

4. बिजनेस से आय: छोटा बिजनेस, फ्रीलांसर, छोटी एजेंसी के मालिक और व्यवसायिक आय वाले या उद्यमी कर स्लैब में आते हैं। इस आय श्रेणी के करदाताओं को अपनी-अपनी आय श्रेणियों के आधार पर ITR-4, ITR-5 या ITR-6 क्रमांकित फॉर्म भरने चाहिए।

5. अन्य स्रोतों से आय: सावधि जमा या बॉन्ड, शेयर डिविडेंड, उपहार, गेम शो, लकी ड्रॉ, लॉटरी पुरस्कार आदि से ₹50,000 से अधिक की ब्याज आय प्राप्त करने वाले नागरिक 'अन्य स्रोतों' के स्लैब में आते हैं।

टैक्स एक्सपर्ट के मुताबिक, इन 5 इनकम की जानकारी रिटर्न फाइल करने में देना जरूरी है। अगर आपका इनकम टैक्स के दायरे के बाहर है तो कोई टैक्स नहीं देना होगा। अगर टैक्स के दायरे में आता है तो आप जिस इनकम टैक्स स्लैब में आएंगे, उसके हिसाब से टैक्स देना होगा। 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Tax से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा