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तीन साल से फरार बर्खास्त AIG राज जीत सिंह पटियाला से गिरफ्तार, ड्रग नेटवर्क से जुड़े मामले में कार्रवाई

 Reported By: Puneet Pareenja,  Written By: Malaika Imam
 Published : Sep 24, 2026 02:18 pm IST,  Updated : Sep 24, 2026 02:25 pm IST

बर्खास्त AIG राज जीत सिंह को तीन साल से फरार रहने के बाद पटियाला से गिरफ्तार किया गया है। उसे पटियाला के दर्शन सिंह नगर स्थित एक मकान से पकड़ा गया।

बर्खास्त AIG राज जीत सिंह गिरफ्तार- India TV Hindi
बर्खास्त AIG राज जीत सिंह गिरफ्तार Image Source : REPORT

पंजाब पुलिस के बर्खास्त सहायक पुलिस महानिरीक्षक (AIG) राज जीत सिंह को गुरुवार को पटियाला से गिरफ्तार कर लिया गया। वह पुलिस अधिकारियों और कथित ड्रग तस्करों के बीच गठजोड़ से जुड़े एक मामले में पिछले करीब तीन साल से फरार चल रहा था। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, उसे पटियाला के दर्शन सिंह नगर स्थित एक मकान से पकड़ा गया।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि राज जीत सिंह की गिरफ्तारी एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स की टीम ने तकनीकी और वित्तीय जांच के आधार पर की। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी।

2023 में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किया था बर्खास्त

राज जीत सिंह को अप्रैल 2023 में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सेवा से बर्खास्त कर दिया था। यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की तीन रिपोर्टों के आधार पर शुरू हुई कार्यवाही के बाद की गई थी। इन रिपोर्टों में पंजाब में पुलिस अधिकारियों और ड्रग तस्करों के बीच कथित गठजोड़ की जांच की गई थी।

2017 में गठित हुई थी विशेष जांच टीम

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, SIT का गठन वर्ष 2017 में किया गया था। टीम को तत्कालीन मोगा SSP राज जीत सिंह की बर्खास्त पुलिस निरीक्षक इंदरजीत सिंह के साथ कथित संलिप्तता के आरोपों की जांच का जिम्मा दिया गया था। इंदरजीत सिंह को 2017 में स्पेशल टास्क फोर्स द्वारा कथित तौर पर मादक पदार्थ बरामद किए जाने के बाद सेवा से बर्खास्त किया गया था।

SIT रिपोर्ट में मिली थी कथित मिलीभगत के संकेत

SIT की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि ऐसे महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए, जो राज जीत सिंह की इंदरजीत सिंह के साथ कथित संलिप्तता की ओर इशारा करते हैं। 2023 में जारी सरकारी आदेश में कहा गया था कि SIT की तीनों रिपोर्टों की सामग्री से राज जीत सिंह और बर्खास्त निरीक्षक इंदरजीत सिंह के बीच मिलीभगत और कथित तौर पर ड्रग तस्करों के साथ उनके संबंध सामने आए।

NDPS मामलों के 50 से अधिक सैंपल फेल होने का जिक्र

सरकारी आदेश में आरोप लगाया गया था कि राज जीत सिंह के तरनतारन SSP रहने के दौरान और इंदरजीत सिंह के CIA प्रभारी रहने के समय NDPS Act से जुड़े 50 से अधिक मामलों के सैंपल फेल हुए। आदेश में आरोप लगाया गया था कि दोनों अधिकारियों ने अपने पदों का दुरुपयोग कर निजी हित साधे और कथित तौर पर ड्रग तस्करों को कानूनी कार्रवाई से बचाने, निर्दोष लोगों को झूठे मामलों में फंसाने और इंदरजीत सिंह के खिलाफ दर्ज FIR की जांच को प्रभावित करने की कोशिश की।

सरकारी आदेश के मुताबिक, राज जीत सिंह NDPS Act के तहत दर्ज मामलों की तकनीकी बारीकियों से परिचित थे और आरोप है कि उन्होंने इंदरजीत सिंह के साथ मिलकर इन तकनीकी पहलुओं का इस्तेमाल अपने कथित निजी हितों के लिए किया। आदेश में उन पर कथित तौर पर धन उगाही और ड्रग तस्करों को कड़ी कानूनी सजा से बचाने में मदद करने के आरोप भी लगाए गए थे। अब गिरफ्तारी के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

(इनपुट- PTI)

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