1. Hindi News
  2. धर्म
  3. त्योहार
  4. वट सावित्री पूर्णिमा व्रत कर रहीं है तो नोट कर लें यह अहम बातें, जानें कैसे करनी है पूजा

वट सावित्री पूर्णिमा व्रत कर रहीं है तो नोट कर लें यह अहम बातें, जानें कैसे करनी है पूजा

 Written By: Shailendra Tiwari
 Published : Jun 10, 2025 08:06 am IST,  Updated : Jun 10, 2025 08:08 am IST

आज पूरे देश में वट सावित्री पूर्णिमा का पर्व मनाया जा रहा है, आज का दिन सुहागिन महिलाओं के लिए काफी खास माना जाता है कि क्योंकि वह अपने सुहाग की रक्षा के लिए व्रत रखती हैं।

वट सावित्री पूर्णिमा- India TV Hindi
वट सावित्री पूर्णिमा Image Source : INDIA TV

आज वट सावित्री पूर्णिमा का व्रत मनाया जा रहा है, यह सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद शुभ माना गया है। यह व्रत हर साल ज्येष्ठ माह के पूर्णिमा तिथि को रखा जाता है। इस पर्व पर सभी महिलाएं पति की लंबी उम्र और अच्छी सेहत के लिए निर्जला व्रत रखती है। इस दिन वट वृक्ष की पूजा का भी विधान है। मान्यता है कि वट वृक्ष में त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु और महेश) का वास होता है। इसलिए इस वृक्ष की पूजा करने से सभी देवताओं का आशीष मिलता है। जानकारी दे दें कि यह पर्व साल में 2 बार मनाया जाता है, पहला ज्येष्ठ अमावस्या और दूसरा ज्येष्ठ की पूर्णिमा तिथि पर।

व्रट सावित्री पूर्णिमा 2025 के लिए शुभ समय

पंचांग के मुताबिक, पूर्णिमा तिथि की शुरुआत आज सुबह  11.35 बजे से होगी, जो 11 जून की दोपहर 01.13 बजे तक रहेगी। उदया तिथि की मान्यता के कारण आज व्रत रखा जाएगा और कल स्नान-दान किया जाएगा।

पूजन सामग्री

पूजा करने जा रही महिलाओं को वट वृक्ष पर कुछ खास चीजें चढ़ानी चाहिए। पूजा के लिए बांस का पंखा, कच्चा सूत, सिंदूर, रोली, अक्षत, कुमकुम, चंदन, फूल, फल, भिगोए हुए काले चने, मिठाई, नारियल, धूप, दीपक, कलश और श्रृंगार का सामान खरीदें। इसके अलावा, वट वृक्ष के नीचे सवा मीटर लाल या पीला कपड़ा भी चढ़ाएं और वट सावित्री व्रत कथा का पाठ करें।

क्या है पूजन विधि?

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और लाल रंग के वस्त्र धारण करें, फिर सोलह श्रृंगार करें।
  • इसके बाद वट वृक्ष के नीचे सफाई करें।
  • अब वृक्ष पर जल चढ़ाएं।
  • कच्चा सूत का धागा वृक्ष पर बांधे और परिक्रमा करें।
  • अब व्रत कथा सुने या कहें और आरती करें।
  • इसके बाद गरीबों और जरूरतमंदों के बीच कपड़े, अन्न आदि दान करें।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Festivals से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें धर्म