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Budhwar Vrat: बुधवार का व्रत किसके लिए रखा जाता है? जानिए इसके फायदे, पूजा विधि और व्रत के नियम

 Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
 Published : Jun 09, 2026 03:53 pm IST,  Updated : Jun 09, 2026 03:53 pm IST

Budhwar Vrat: बुधवार का व्रत भगवान गणेश की कृपा प्राप्त करने के लिए किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह व्रत बुद्धि, सुख-समृद्धि और काम में आ रही बाधाओं को दूर करने में बहुत ही सहायक माना जाता है। जानिए इस व्रत के क्या लाभ है। व्रत की पूजा विधि और जरूरी नियम जानें।

Budhwar Vrat- India TV Hindi
बुधवार का व्रत Image Source : MAGNIFIC

Budhwar Vrat: सनातन धर्म में बुधवार का दिन विशेष महत्व रखता है। यह दिन भगवान प्रथम पूज्य देवता गणेश और बुद्धि, वाणी के ग्रह को समर्पित है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत रखने से जीवन की कई परेशानियां दूर होती हैं।यही वजह है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु बुधवार का व्रत रखते हैं। चलिए जानते हैं कि बुधवार का व्रत किसके लिए रखा जाता है? इस व्रत को करने के क्या फायदे हैं। साथ ही पूजा विधि और व्रत के नियमों के बारे में भी जानकारी दे रहे हैं। 

गणेश जी और बुध देव को समर्पित है दिन

बुधवार का व्रत मुख्य रूप से विघ्न हर्ता भगवान गणेश और बुध देव की कृपा पाने के लिए रखा जाता है। ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी, तर्क क्षमता और व्यापार का कारक माना गया है। इसलिए जिन लोगों को शिक्षा, करियर, व्यापार या निर्णय लेने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है, उनके लिए यह व्रत विशेष लाभकारी माना जाता है।

बुधवार व्रत के फायदे

  • व्यक्ति के जीवन में आने वाली रुकावटें दूर होती हैं। 
  • भगवान गणेश की कृपा से कार्यों में सफलता मिलने के साथ-साथ मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। 
  • ग्रह दोष, विशेष रूप से बुध ग्रह से जुड़े दोषों के प्रभाव को कम करने में सहायक है।
  • बुद्धि, विवेक और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है।
  • पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए लाभकारी।
  • व्यापार और नौकरी में सफलता के योग बनते हैं।
  • आर्थिक स्थिति में सुधार और धन संबंधी समस्याओं से राहत।
  • वाणी में मधुरता आती है और सामाजिक संबंध बेहतर होते हैं।
  • आत्मविश्वास और आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ती है।

गृह क्लेश दूर करने के उपाय

बुधवार के दिन घर में सफेद रंग के गणपति की स्थापना करना शुभ फलदायी होता है। परिवार में कलह या तनाव की स्थिति होने पर दूर्वा से गणेश जी का प्रतीक स्वरूप बनाकर उसकी पूजा करने से घर का माहौल सकारात्मक होता है और रिश्तों में मधुरता आती है।

धन लाभ का उपाय

बुधवार को गणेश जी को घी और गुड़ का भोग लगाएं। पूजा के बाद इस प्रसाद को गाय को खिलाएं। मान्यता है कि इससे आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं और धन में वृद्धि के रास्ते खुलते हैं।

व्रत में क्या खाना चाहिए?

बुधवार का व्रत रखने वाले लोग दिन में एक समय भोजन कर सकते हैं। इस दौरान दही, हरी मूंग से बने व्यंजन और हरी वस्तुओं का सेवन करना शुभ माना जाता है। व्रत के दौरान नमक और पान का सेवन नहीं करें।

कब शुरू करें बुधवार व्रत?

बुधवार व्रत की शुरुआत शुक्ल पक्ष के बुधवार से करना शुभ माना जाता है। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और संकल्प के अनुसार 7, 11, 21 या 45 बुधवार तक यह व्रत रख सकते हैं। व्रत पूर्ण होने के बाद उसका उद्यापन करना जरूरी माना गया है।

ऐसे करें पूजा-अर्चना

बुधवार को सुबह स्नान करके व्रत का संकल्प लें। पूजा स्थल को शुद्ध करने के बाद हरे वस्त्र पर भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित करें। पंचामृत से अभिषेक करें और कुमकुम, चंदन, फूल, सिंदूर तथा दूर्वा अर्पित करें। इसके बाद मोदक या बेसन के लड्डू का भोग लगाकर व्रत कथा पढ़ें और गणेश जी की आरती करें। शाम को पूजा करने के बाद सात्विक भोजन ग्रहण करें।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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