1. Hindi News
  2. धर्म
  3. 26 सितंबर से शुरू होगा श्राद्ध पक्ष, पहले ही निपटा लें ये जरूरी काम, वरना बढ़ सकती हैं पितृ दोष से जुड़ी मुश्किलें

26 सितंबर से शुरू होगा श्राद्ध पक्ष, पहले ही निपटा लें ये जरूरी काम, वरना बढ़ सकती हैं पितृ दोष से जुड़ी मुश्किलें

 Written By: Arti Azad
 Published : Sep 23, 2026 02:30 pm IST,  Updated : Sep 23, 2026 02:30 pm IST

​पितृ पक्ष 26 सितंबर 2026 से शुरू हो रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्राद्ध पक्ष के दौरान कुछ कार्यों को करने की सख्त मनाही होती है। ऐसे में इससे पहले कुछ जरूरी काम निपटा लेने चाहिए। जानिए कौन से काम पहले पूरे कर लें, आपको पितृ दोष न झेलना पड़े।

Pitru Paksha- India TV Hindi
पितरों की नाराजगी से जुड़ी मान्यता Image Source : PINTEREST

पितृ पक्ष को हिंदू धर्म में पूर्वजों को याद करने और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का विशेष समय माना जाता है। इस दौरान तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध जैसे कर्म किए जाते हैं। पितृ पक्ष 26 सितंबर 2026 से शुरू होने जा रहा है। ऐसे में श्राद्ध पक्ष शुरू होने से पहले कुछ जरूरी काम निपटा लेना बेहतर माना जाता है, ताकि इन दिनों धार्मिक नियमों का पालन आसानी से किया जा सके।

श्राद्ध पक्ष शुरू होने से पहले कर लें जरूरी काम

पहले करवा लें हेयरकट और शेविंग: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितृ पक्ष में बाल कटवाना, दाढ़ी बनवाना और नाखून काटना शुभ नहीं माना जाता। इसे शरीर की साज सज्जा से जुड़े कार्यों से दूर रहने की परंपरा से जोड़ा जाता है। इसलिए अगर हेयरकट, शेविंग या पार्लर से जुड़ा कोई जरूरी काम है, तो उसे पितृ पक्ष शुरू होने से पहले ही पूरा कर लेना चाहिए।

शुभ काम पहले निपटाएं: पितृ पक्ष के दौरान विवाह, सगाई, रोका, गृह प्रवेश और नए काम की शुरुआत जैसे मांगलिक कार्यों को आमतौर पर टालने की परंपरा है। ऐसे में अगर परिवार में कोई जरूरी रस्म या समारोह तय है, तो उसे पितृ पक्ष शुरू होने से पहले पूरा कर लेना उचित माना जाता है।

घर की सफाई कर लें: श्राद्ध पक्ष शुरू होने से पहले घर के हर हिस्से, पूजा स्थान और मुख्य द्वार की अच्छी तरह सफाई कर लें। घर में पड़ा पुराना कबाड़, टूटे बर्तन और खराब सामान भी पहले ही हटा देना चाहिए। पितृ पक्ष में घर को साफ और व्यवस्थित रखना महत्वपूर्ण माना जाता है।

सूखे पौधे हटा दें: अगर घर या गमलों में कोई पौधा सूख गया है, तो उसे पितृ पक्ष शुरू होने से पहले हटा दें। खासकर सूखी तुलसी को सम्मानपूर्वक जल में विसर्जित करने की परंपरा बताई गई है। धार्मिक मान्यताओं में सूखे और मुरझाए पौधों को घर के लिए शुभ नहीं माना जाता।

पितृ पक्ष का महत्व

हिंदू धर्म में पितृ पक्ष की करीब 15 से 16 की अवधि में पितरों के लिए तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म किए जाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस दौरान पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और सम्मान के साथ किए गए कर्म से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। वहीं, नियमों की अनदेखी को लेकर पितृ दोष जैसी मान्यताएं भी जुड़ी हुई हैं।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

ये भी पढ़ें: सपने में दिखें भूखे, प्यासे या बिना कपड़ों के पितर तो तुरंत करें ये काम, जानें इसका बड़ा संकेत

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। धर्म से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।