मुंबई: बीसीसीआई ने आज मुंबई के रणजी क्रिकेटर हिकेन शाह को आईपीएल के दौरान साथी खिलाड़ी को भ्रष्टाचार की पेशकश के आरोप में निलंबित कर दिया ।
बीसीसीआई ने कहा कि शाह को बोर्ड की भ्रष्टाचार निरोधक आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी पाया गया और मामला आगे कार्रवाई के लिये अनुशासन समिति को सौंप दिया गया है ।
बीसीसीआई सचिव अनुराग ठाकुर द्वारा जारी बयान में कहा गया , बीसीसीआई यह सूचित करना चाहता है कि मुंबई के क्रिकेटर हिकेन शाह को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है । उसे बीसीसीआई की भ्रष्टाचार निरोधक आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी पाया गया ।
उन्होंने आगे कहा , बीसीसीआई की अनुशासन समिति का फैसला आने तक वह बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त किसी तरह के क्रिकेट में हिस्सा नहीं ले सकेगा ।
तीस बरस के शाह किसी आईपीएल टीम का हिस्सा नहीं हैं । उन्होंने मुंबई के लिये 37 प्रथम श्रेणी मैच खेलकर 42 . 35 की औसत से 2160 रन बनाये हैं ।
बोर्ड ने कहा , हिकेन शाह ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपने एक साथी खिलाड़ी को भ्रष्टाचार की पेशकश की जो आईपीएल टीम का सदस्य भी है । उस खिलाड़ी ने तुरंत फ्रेंचाइजी को इसकी जानकारी दी । टीम ने बीसीसीआई की भ्रष्टाचार निरोधक ईकाई को इसकी सूचना दी ।
एक सूत्र ने बताया कि शाह ने राजस्थान रायल्स के प्रवीण ताम्बे से संपर्क किया था जिसने बीसीसीआई को इसकी सूचना दी ।
बोर्ड ने कहा , सूचना के आधार पर बोर्ड अध्यक्ष जगमोहन डालमिया ने एसीयू को मामले की तुरंत जांच के निर्देश दिये । विस्तृत जांच के बाद जांच आयुक्त ने हिकेन शाह को खिलाडि़यों के लिये बीसीसीआई की आचार संहिता की धारा 2 . 1 . 1 , 2 . 1 . 2 और 2 . 1 . 4 के उल्लंघन का दोषी पाया और उसके प्रावधानों की अनुशंसा बोर्ड अध्यक्ष से की ।
एक खिलाड़ी को संपर्क किये जाने की खबर इस साल आईपीएल की शुरूआत में प्रकाश में आई थी । बीसीसीआई ने उसकी पुष्टि की थी लेकिन उस समय खिलाड़ी का नाम नहीं बताया था ।
बीसीसीआई अध्यक्ष जगमोहन डालमिया ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ बोर्ड की बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने की नीति के तहत शाह के खिलाफ कार्रवाई की गई ।
उन्होंने कहा , बोर्ड क्रिकेट में भ्रष्टाचार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा । हम ऐसे मामलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते रहेंगे ताकि दूसरों के लिये मिसाल कायम हो । मैने मसला बोर्ड की अनुशासन समिति को सौंप दिया है जो खिलाड़ी के खिलाफ आगे कार्रवाई करेगी ।
बोर्ड सचिव अनुराग ठाकुर ने कहा , इस घटना से साबित होता है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ बोर्ड की जागरूकता नीति के नतीजे मिल रहे हैं ।
खिलाड़ी इतना सतर्क था कि उसने मामले की सूचना बोर्ड की एसीयू को दी । भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी और हम कोई कसर बाकी नहीं रखेंगे । बीसीसीआई क्रिकेट को भ्रष्टाचार मुक्त रखने के लिये प्रतिबद्ध है ।