इस्लामाबाद: भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट सीरीज़ पर शिवसेना के उग्र विरोध के बाद अब पाकिस्तान T20 World Cup का आयोजन किसी अन्य देश में कराने के लिए राजनयिक स्तर पर कोशिश करेगा। टी20 विश्व कप अगले साल भारत में होना है। सोमवार को PCB के चैयरमैन शहरयार ख़ान को BCCI के प्रमुख शशांक मनोहर से दोनों देशों के बीच क्रिकेट सीरीज़ के बारे बातचीत करनी थी लेकिन शिवसेना ने BCCI के दफ़्तर में घुसकर नारेबाज़ी की और उसकी वजह से बैठक रद्द करनी पड़ी।
शिवसेना के विरोध के बाद टीम इंडिया और साउथ अफ़्रीका के बीच जारी सीरीज़ में पाकिस्तानी कमेंटेटर वसीम अकरम और शोएब अख़्तर को भी स्वदेश लौटना पड़ा। इन घटनाओं के बीच पंजाब में गुरुग्रंथ साहब के अपमान के बाद पंजाब सरकार ने भी नवंबर में होने वाला कबड्डी विश्व कप रद्द कर दिया है। पाकिस्तान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हाल ही की घटनाओं से साफ़ ज़ाहिर है कि अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियेगिताओं के आयोजन के लिए भारत सुरक्षित स्थान नही है।”
नाम गुप्त रखने की शर्त पर अधिकारी ने कहा कि सरकार पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड इस मसले पर बात करेगी और फिर तय किया जाएगा कि T20 विश्व कप में टीम भेजी जानी चाहिये या नहीं। “PCB को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैंसिल(ICC) से प्रतियोगिता का स्थान बदलने के बारे में बात करनी चाहिये।”
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन शहरयार ख़ान ने हालंकि मंगलवार को दिल्ली में टी20 विश्व कप के बहिष्कार की ख़बरों का खण्डन किया है लेकिन सरकारी सूत्रों ने कहा कि अंतिम फ़ैसला सरकार ही करेगी। “PCB एक स्वतंत्र इकाई है लेकिन जब मामला हमारे खिलाड़ियों की सुरक्षा का हो तो सरकार ही अंतिम फ़ैसला करेगी।”
माना जाता है कि विदेश मंत्रालय पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को सलाह देगा कि वो BCCI से क्रिकेट सीरीज़ कराने के लिए ‘मिन्नतें’ करना बंद करे। मंत्रालय का मानना है कि भारत सरकार BCCI को क्रिकेट संबंध बहाल करने की इजाज़त नहीं देगी। विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा “स्थिति गंभीर है। निकट भविष्य में भारत के साथ क्रिकेट संबंधों के बहाल होने की कोई संभावना नही है।”
अधिकारी ने कहा कि भारत में अगर मौजूदा पाकिस्तानी विरोधी माहौल बरक़रार रहता है तो सरकार के लिए टी20 विश्व कप में टीम भेजना बहुत मुश्किल हो जाएगा। माना जाता है कि परमाणु हथियारों से लैस दोनों देशों के बीच बिगड़ते राजनयिक संबंधों को सुधारने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ क्रिकेट संबंध बहाल करने के इच्छुक थे।
इसके पहले भी दोनों देशों के बीच बातचीत का बेहतर माहौल बनाने और दोनों देशों की जनता के बीच आपसी विश्वास पैदा करने के लिए सांस्कृतिक आदान-प्रदान और खेल का सहारा लिया जा चुका है।