NAMVAR SINGH
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नामवर सिंह की ये किताबें हिंदी साहित्य में आज भी करती है राज, आइए देखें उनकी चर्चित किताबों की झलकियां
नामवर सिंह सिर्फ एक साहित्यकार या हिंदी साहित्य के आलोचक के रूप में नहीं जाने जाते थे बल्कि वह एक युग थे जिसका आज अंत हो गया। उनकी लेखनी की विशेषता ही उन्हें दूसरे साहित्यकार से अलग करती थी। वह हिन्दी के शीर्षस्थ शोधकार-समालोचक, निबन्धकार तथा मूर्द्धन्य सांस्कृतिक-ऐतिहासिक उपन्यास लेखक 'हजारी प्रसाद द्विवेदी' के प्रिय शिष्य भी थे।
फीचर | Feb 20, 2019 05:10 pm IST -
साहित्यकार और आलोचक ‘नामवर सिंह नहीं रहे’, इसका मतलब 'एक युग के ज्ञान और परंपरा का जीवित प्रमाण समाप्त होना है'
नामवर सिंह भारतीय किस्म के बौद्धिकों की परंपरा में आखिरी लोगों में से थे, इन लोगों के चले जाने के साथ एक युग के ज्ञान और परंपरा का जीवित प्रमाण भी समाप्त हो रहे हैं।
राष्ट्रीय | Feb 20, 2019 03:56 pm IST -
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हिंदी के प्रख्यात साहित्यकार नामवर सिंह का निधन, प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक
देश के प्रख्यात और हिंदी साहित्य के आलोचक नामवर सिंह का मंगलवार की रात निधन हो गया। 92 साल के नामवर जी ने आखिरी सांस AIIMS हॉस्पिटल में ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नामवर जी की मौत की खबर सुनते ही शोक जताया साथ ही उन्होंने कहा कि 'हिन्दी साहित्य के शिखर पुरुष नामवर सिंह जी के निधन से गहरा दुख हुआ है।
फीचर | Feb 20, 2019 12:20 pm IST