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बिजनौर: डायलिसिस के दौरान गई बिजली, जनरेटर में नहीं था तेल, जिला अस्पताल में मरीज की मौत पर बवाल

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Jun 15, 2025 09:37 am IST,  Updated : Jun 15, 2025 09:40 am IST

डायलिसिस के बीच बिजली गुल होने से मशीन रुक गई। इस बीच जनरेटर में तेल नहीं होने से मशीन दोबारा नहीं शुरू हो पाई और डायलिसिस करवा रहे व्यक्ति की मौत हो गई। इस घटना के बाद जमकर बवाल हो रहा है।

Bijnor district hospital- India TV Hindi
बिजनौर जिला अस्पताल Image Source : INDIA TV

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिला अस्पताल में डायलिसिस के दौरान एक मरीज की मौत हो गई। मरीज की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है। आरोप है कि अस्पताल के जनरेटर में डालने वाला डीजल महीनों से खत्म पड़ा था। इस वजह से जनरेटर नहीं चला और डायलिसिस बीच में रुक जाने के कारण मरीज की मौत हो गई। घटना के बाद अधिकारी अस्पताल पहुंचे तो वहां कई गड़बड़ियां मिलीं। इसके बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

मामला बिजनौर के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र का है। फुलसंदा गांव के 26 वर्षीय सरफराज का पिछले एक साल से जिला अस्पताल में इलाज चल रहा था। घटना वाले दिन भी वह डायलिसिस कराने पहुंचे थे। इस दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने अस्पताल में बिजली कटने के बाद जनरेटर नहीं चलने से मौत का आरोप लगाया। बताया जा रहा है कि मृतक के दो बच्चे हैं, जिनके सिर से पिता का साया हट चुका है।

इंजेक्शन भी बाहर से मंगाया

मृतक की मां ने कहा कि अस्पताल स्टाफ ने इंजेक्शन के लिए भी आनाकानी की। पहले तो अस्पताल में इंजेक्शन ही नहीं मिला। महिला को बाहर से इंजेक्शन लाना पड़ा। उसके बाद स्टाफ एक दूसरे पर इंजेक्शन लगाने को टालते रहे। साथ ही अस्पताल में सही से लाइट की व्यवस्था भी नहीं थी। अस्पताल के जनरेटर में डालने वाला डीजल भी महीनों से खत्म है। वहीं, सूत्रों की माने तो सीडीओ ने खुद अस्पताल के जनरेटर का तेल भी मंगवाया गया था। जिला अस्पताल की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सीडीओ बिजनौर अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे।

जिला अस्पताल में कई कमियां

डीएम जसजीत कौर ने बताया कि जिला अस्पताल में संचालित डायलिसिस सेंटर एक प्राइवेट एजेंसी संजीवनी के नाम से पीपीपी मोड पर चल रहा है। इस कंपनी को 2020 से टेंडर मिला हुआ है। कंपनी के लोग अस्पताल में डायलीसिस सेंटर चला रहे हैं। सीडीओ की जांच के दौरान सेंटर में कई कमियां पाई गईं। साफ सफाई की व्यवस्था सही नहीं है, अस्पताल में गंदगी रहती है। एक फुल टाइम डॉक्टर उपलब्ध नहीं है। टेक्नीशियन की कमी, स्टाफ नर्स की तैनाती न होना और बिजली जाने पर बैकअप के रूप में जेनरेटर सेट में डीजल न होना इसमें शामिल है। उन्होंने कहा कि सीडीओ एक विस्तृत रिपोर्ट दे रहे हैं। इसके आने पर एजेंसी संचालक उनके खिलाफ एफआईआर और ब्लैक लिस्टिंग की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही अस्पताल प्रिंसिपल और स्टाफ के खिलाफ शिकायत की गई है।

किसान नेता ने दी धरने की चेतावनी

भारतीय किसान अराजनैतिक के युवा नेता दिगंबर सिंह ने डायलिसिस के दौरान हुई मौत में हत्या का मुकदमा दर्ज करने की अपील की है। स्वास्थ्य सेवा को लेकर दिगंबर ने बिजनौर जिला प्रशासन पर गंभीर सवाल भी उठाए हैं। किसान नेता ने मृतक की मौत में इंसाफ न मिलने और मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल सहित दोषी स्टाफ पर कार्रवाई न होने पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है।  

(बिजनौर से रोहित त्रिपाठी की रिपोर्ट)

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