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हाथरस हादसे में बड़ा खुलासा: अंधविश्वास ने लील ली 116 लोगों की जान, 'खास पानी' पीने की लगी थी होड़

 Edited By: Kajal Kumari @lallkajal
 Published : Jul 02, 2024 08:27 pm IST,  Updated : Jul 03, 2024 06:20 am IST

यूपी के हाथरस में एक सत्संग के दौरान बड़ा हादसा हो गया जिसमें 116 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। अब हादसे की वजह सामने आई है, लोग अंधविश्वास की वजह से वहां के हैंडपंप का पानी पीने के लिए जुटे थे। लोगों का मानना है कि इस पानी को पीने से सारी तकलीफें दूर हो जाती हैं।

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हाथरस हादसे का बड़ा खुलासा

हाथरस जिले में भोले बाबा यानी नारायण साकार हरि के सत्संग के दौरान हुए हादसे में अबतक 116 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है। सत्संग का आयोजन मानव मंगल मिलन सद्भावना समागम समिति द्वारा स्वयंभू भगवान नारायण साकार हरि, जिन्हें साकार विश्व हरि या भोले बाबा के नाम से भी जाना जाता है, के लिए किया गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भगदड़ में श्रद्धालुओं की दम घुटने से मौत हो गई और शव एक-दूसरे के ऊपर ढेर हो गए। हादसे में घायलों को जिले के सिकंदरा राव ट्रॉमा सेंटर और एटा के सरकारी अस्पताल ले जाया गया।

घटनास्थल के वीडियो में लोगों को मृतकों या बेहोश पीड़ितों को एम्बुलेंस, ट्रकों और कारों में सिकंदरा राव ट्रॉमा सेंटर में लाते हुए देखा जा सकता है। हादसे के दिल दहला देने वाले दृश्य सामने आए हैं। अस्पताल में मृतकों के परिजनों और रिश्तेदारों की चीख-पुकार मच गई। 

हादसे की वजह, खास पानी पीने की लगी थी होड़

इस बड़े हादसे का खुलासा हुआ है जिसमें कहा जा रहा है कि भोले बाबा के सत्संग में जो भी भक्त जाता है, उसे वहां पानी बांटा जाता है। बाबा के अनुयायी ऐसा मानते हैं कि इस पानी को पीने से उनकी समस्याएं खत्म हो जाती हैं। बाबा का पटियाली तहसील के बहादुर नगर गांव में स्थित आश्रम में भी दरबार लगता है। यहां आश्रम के बाहर एक हैंडपंप भी है। दरबार के दौरान इस हैंडपंप का पानी पीने के लिए भी लंबी लाइन लगती है। कहा जा रहा है कि इस पानी को पीने के लिए लंबी लाइन लगी थी और इस बीच भगदड़ मच गई। 

सत्संग में 50 हजार से ज्यादा लोग पहुंचे थे

कासगंज जनपद की पटियाली तहसील से चार किमी दूर गांव बहादुर नगर में भोलेबाबा का अपना घर है। वहीं उनका आश्रम बना हुआ है, जहां हर मंगलवार को भोलेबाबा के भक्तों का आश्रम पर आना होता है।हाथरस जिले के मुगलगढ़ी गांव में मंगलवार को भोले बाबा का सत्संग चल रहा था, एक ही दिन के सत्संग का आयोजन किया गया था। इस सत्संग में 50 हजार से ज्यादा लोग पहुंचे थे। पंडाल में भयानक उमस और गर्मी के कारण भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और लोगों की जान चली गई। 

सीएम योगी ने लिया संज्ञान, मांगी रिपोर्ट

घटना के प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मृतकों की संख्या 87 ही नहीं, 100 से भी ज्यादा है। घायल भी काफी लोग हैं, जिनमें से कुछ गंभीर घायल लोगों को आसपास के जिलों में अलग अलग भेजा गया है। बता दें कि सरकारी अस्पताल में एक के बाद एक शव पहुंच रहे हैं और लाशों का अंबार लग गया है। मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। हादसे पर सीएम ने योगी ने भी संज्ञान लिया है। सीएम योगी ने पूरी घटना की रिपोर्ट मांगी है।

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