मेरठ के चौधरी चरण सिंह कारागार में बंद मुस्कान और साहिल को कोर्ट आज सजा सुनाएगी। दोनों को ही फांसी की सजा की मांग की गई है। मुस्कान ने 30 सितंबर को दोषी करार होने के बाद 1 अक्टूबर को जेल प्रशासन से कहा थी कि सजा सुनाई जाने से पहले वह अपनी 6 साल की बेटी से एक बार मिलना चाहती है, क्योंकि आज तक मुस्कान के माता-पिता उससे जेल में मिलने नहीं गए। जेल प्रशासन ने बताया कि यदि उसके परिजन आयेंगे, बेटी को साथ लायेंगे तो वह मिल सकती है। जेल प्रशासन ने मुस्कान को बताया कि वह मिलने के लिए पत्र दे सकती है, मुस्कान ने पत्र लिखा है कि उसकी बेटी जो नाना-नानी के पास है, उससे मिलवाया जाए।
जेल के बंदियों से बातचीत नहीं कर रहे दोनों
मुस्कान और साहिल दोनों का स्वास्थ्य सही है। जेल के बंदियों से बातचीत नहीं कर रहें है। वहीं, साहिल ने जेल में खेतीबाड़ी का काम बंद कर दिया है। उसका कहना है कि सजा सुनाए जाने के बाद वह काम करेगा। फिलहाल कुछ घंटों बाद साहिल और मुस्कान को जिला जज की कोर्ट सौरव हत्याकांड की सजा सुनायेंगी। जिसके चलते दोनों बेचैन दिखाई दे रहें है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर साहिल और मुस्कान से पूछे गए सवाल
जिला जेल से साहिल और मुस्कान की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हुई। जज ने दोनों से एक-एक सवाल पूछा कि कुछ कहना हो तो कहो। साहिल ने कुछ भी कहने से इनकार किया, मुस्कान ने भी कुछ नहीं कहा। सजा सुनने के दौरान दोबारा जोड़ा जाएगा। सजा का ऐलान होना अभी बाकी है।
दोनों ने मिलकर सौरव की हत्या की थी
बता दें कि दोनों ने मिलकर सौरव का मर्डर किया था। उसके टुकड़े करके नीले ड्रम में भरकर सीमेंट से पैक कर दिए थे। सौरव की हत्या उसकी पत्नी और उसके प्रेमी साहिल ने की थी। मुस्कान अपनी छह साल की बेटी को नाना-नानी के पास छोड़कर गई थी। उसने परिजनों से कहा कि वह सौरव के साथ घूमने जा रही है। सौरव विदेश में रहता था और छुट्टी लेकर पत्नी और बेटी का जन्मदिन मनाने आया था।
नीले ड्रम में पैक सौरव का शव टुकड़ों में हुआ था बरामद
मुस्कान साहिल के साथ हिमाचल घूमकर वापस आई तो बेटी ने पिता से मिलने की जिद की। बेटी और परिजनों को गुमराह करते हुए कातिल पत्नी ने बताया कि सौरव को अचानक से वापस जाना पड़ा। परिजनों की सख्ती और बेटी की जिद से वह टूट गई। इसके बाद पुलिस ने दोनों कातिलों की निशानदेही पर नीले ड्रम में पैक सौरव का शव टुकड़ों में बरामद किया।
नाना-नानी के साथ रह रही 6 साल की बेटी
जिस बेटी की जिद से सौरव के मर्डर का राज खुला, वह अपने नाना-नानी के साथ रह रही है। डेढ़ साल से जेल में बंद मुस्कान ने बेटी का मुंह नहीं देखा और न ही माता-पिता या अन्य परिजन उससे आकर मिले है। अब सजा मिलने वाली है। बेचैन मुस्कान के दिल में जेल से बाहर रह रही बेटी को लेकर ममत्व उमड़ रहा है। वह उससे मिलने के लिए तड़प रही है। हालांकि, सलाखों के पीछे उसने एक बेटी को जन्म दिया है।
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